92 साल की बेल्जियम महिला ने अपनाया इ’स्लाम ध’र्म, कहा- पड़ोसी की इस अच्छाई से बनी मु’स्लिम

जैसा कि आप सभी जानते है सबसे तेजी से दुनिया में जो धर्म बढ़ रहा है उसका नाम इ’स्लाम ध’र्म है । इ’स्ला’म ध’र्म को मानने वाले लोग आज पूरी दुनिया मे हर खित्ते पर मौजूद है । इ’स्ला’म कुबूल करने की बात आपने बीते सालों में कही खबर सुनी होगी । ऐसी खबरें सामने आती रहती है कि इ’स्ला’म ध’र्म से प्रेरित होकर या कु’दरत का कोई क’रिश्मा देखकर इ’स्लाम।कुबू’ल कर लेते है ।

बीते दिनों आपने इस्ला’म ध’र्म को कुबू’ल करने वाली एक क’नाडियन रो’जी के बारे में भी सुना होगा । रोजी ब्लॉ’गर थी और बाइ’क से कई देशों में भ्र’मण के लिए भी जानी जाती है । जिन्होंने एक मु’स्लि’म देश मे रहकर वहां के लोगो को देखकर अपने आपको इ’स्ला’म के अनुसार डाल लिया था और इ’स्लाम कुबू’ल कर लिया था। एक ऐसी ही कहानी आज हम आपको बताने जा रहे है यह कहानी एक 92 साल की एक बुजुर्ग महिला की है। जिन्होंने अपने पड़ोसी से प्रेरित होकर इ’स्ला’म कु’बू’ल किया है।

इन महिला का नाम है जॉर्जेट लेपोल । यह एक बुजुर्ग महिला है, जिसको देखकर सभी हैरान है । जॉर्जेट ने अपना परिचय देते हुए बताया कि इस्लाम कुबूल करने के बाद वो बहुत खुश है। उन्होंने अ’ल्लाह तआ’ला का शुक्र अदा किया है। उन्होंने कहा कि मुझे ज्यादातर लोगो की मित्रता ने आकर्षित किया है जिस तरह से मु’स्लिम स’माज मे जिस तरह से एक दूसरे से मोहब्बत होती है।

उनकी दोस्ती ने मुझे आकर्षित किया है। दरअसल,जॉर्जेट के पड़ोस में मो’हम्मद रहते है। इनके पड़ोसी मो’हम्मद से जॉर्जेट की दोस्ती करीब 40 साल पुरानी है। 2 साल पहले जॉर्जेट मोहम्मद के परिवार के साथ जुड़ गई और अपने परिवार के साथ रहने लगी। मोहम्मद का परिवार में उनकी पत्नी, बेटा और दो बेटियां है। मोहम्मद जॉर्जेट को ही अपनी माँ जैसी ही मनाते थे।

जॉर्जेट ने बताया कि यहां आने के बाद से मेरी दिलचपी इस्लाम मे दिनो दिन बढ़ती गई . मेने देखा है कि यह लोग एक साथ नमाज पढ़ते है। वो एक दूसरे से इतनी अच्छी तरह से बात करते है । मेरा परिवार और उनका परिवार में काफी अंतर है। इसलिए मेरे मन मे इस्लाम के प्रति इच्छा जगी ओर मैंने फैसला कर लिया कि मैं इस्लाम कुबूल करूंगी। मुझे बहुत ही अच्छा महसूस हुआ कि मैने इतने अच्छे और सच्चे धर्म मे अपना कदम बढ़ाया।

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