इधर पिता के दिल का ऑपरेशन हो रहा था, उधर आदिल खान ने मैदान पर बचाई भारत की इज़्ज़त ,देखिये वीडियो

आदील खान जो कि इंडियन फुटबॉल खिलाड़ी है। इन्होंने अपने परिवार की ख़राब हालात में भी भारत की ओर स क्वालीफायर मैच में शानदार प्रदर्शन किया , आदिल की बदौलत भारत को फुटबॉल मैच को बराबरी पर लाकर देश की लाज बचा ली। । इन्होंने बहुत ही तेज और बेहतरीन हैडर कर 89 में मिनट में गोल किया। आदिल के लिए यह एक मुश्किल भरा पल था। आदिल मैदान में इस तरह से उतरे की जैसे कुछ हुआ ही नही था। ये उनका हौसला था कि वो भारत को जीत दिलाए।

फीका वर्ल्ड कप क्वालीफायर के भारत बनाम बांग्लादेश के मुकाबले में भारत की तरफ से आदिल खान ने 89 वे मिनट में गोल करके मैच को बराबरी पर ले आए। आदिल खान ने हेडर से गोल करके टीम को शर्मनाक हार से बचाया। लेकिन जिस वक्त आदील खान देश के लिए खेल रहे थे।इसके अलावा टीम के लिए गोल कर रहे थे। उस वक्त उनके परिवार में सब कुछ ठीक नही था।

ऐसे तो कोई भी खिलाड़ी मैच के दिन फ़ोन अटेंट नही करते है। लेकिन आदिल ने मैच से पहले ही अपनी फैमिली मेंबर से बात की और उन्होंने कहा कि उनके पिता की सर्जरी हो जाएगी। इसके बाद आदिल ने अपना फ़ोन स्विच ऑफ कर दिया। मैच शुरू होने से पहले आदिल के पिता बदरुदीन खान अस्पताल में थे, और अपने दिल का इलाज करवा रहे थे।

उसी दौरान टीम मीटिंग में आदिल के परिवार ने पिता की सर्जरी के बारे उन्हें बताया था। कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में होने वाले अहम मुकाबले पर ध्यान लगाना शुरू कर दिया। आदील ने अपने पिता की स्थिति के बारे में किसी को नही बताया। देश के वर्ल्ड कप के क्वालीफाई करवाने के इरादे से टीम के साथ मैदान में उतार गये।

हजारो दर्शको से खचाखच भरे हुये स्टेडियम में आदील खान शुरुआत में कमजोर नजर आए उनकी वजह से एक गोल होते होते बचा। लेकिन अंत होते-होते आदील खान ने गोल कर उनकी भरपाई कर दी। और टीम को हार से बच लिया।। 7 साल बाद टीम में वापसी करने वाले डिफेंडर आदील ने मैच के बाद कहा की वे अपने व्यक्तिगत जीवन को पेशे के साथ नही मिलना चाहते है। इसलिए उनके लिए खेल पर ध्यान लगाना आसान था।

और उन्होंने अपने बारे कहा की अपने खेल के दौरान किसी और चीज के बारे में नही सोचा। वो 90 मिनट मेरे लिए महत्वपूर्ण थे। हर किसी की जिंदगी में परेशानी होती है।आदिल अपने मैच खत्म होने के बाद गोवा गए और पिता से मिले और अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल पिता , पत्नी और घायल साथी संदेश झिंगन को समर्पित किया।

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