मस्जिद-ए-अक्सा की रक्षा पर मुस्लिम देशों की चुप्पी पर जमकर बरसे एर्दोगन, बोले- फिलीस्तीनियों को परेशान नहीं होने देगें

येरुश’लम में स्थित म’स्जिदे अल अक्सा मस्जि’द के लिए पूरी दुनिया के मुस्लिम दुआए करते है । इस जगह पर ई’साई और यहूदी भी इसे अपना पवित्र स्थान मानते है। मस्जिदे अल अक्सा को लेकर तुर्की हमेशा से ही बयान देता रहता है। बीते कुछ महीनों में तुर्की के राष्ट्रपति दुनियाभर के मुसल’मानों को लागातर भरोसा दिला रहे है कि वो म’स्जिदे अ’क़्सा को आज़ाद करनेके लिए जितनीं कोशिश होगी करेगे और उसे आज़ाद कराकर ही रहेंगे।

एर्दो’गान गरीब देश और वहा रहने वाले गरीब इंसा’नो की मदद करने के लिए आगे आते रहते है। इज’इल और यूएई के समझौते के बाद कई देशों ने इसको लेकर ना’राज’गी जाहिर की है। तुर्की समेत कई देशों ने इसका पु’रजोर विरो’ध भी किया है। तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा है कि जब मस्जिदे अल अ’क्सा पर हमले होते है तो दुनियाभर के मुस्लि’म क्यो चुप होते है।

alaqsa news

यू’एई और इज’राइल के बीच हुए समझौते को लेकर ए’र्दोगान ने कहा है कि हम फि’लिस्ति’नीयो को कभी भी परेशान नही होनेदेंगे। हम अपने राजदू’त को वापस बुला सकते है।एर्दोगा’न नेआगे कहा है कि हम अबू धाबी के साथ अपने सम्बन्धो को समाप्त कर सकते है या फिर अपने राजदूत को वापस बुला सकते है।

हम फि’लिस्ति’नीयो लोगो के साथ खड़े हुए है। वही दूसरी ओर UAE और इज’राइल की शांति डील को अमेरिका के राष्ट्रपति ने इस डील को ऐतिहासिक बताया है ।एकतरफ जहाँ पर बहरीन और ओमान देशो ने इसकास्वागत किया है तो वही कुवैत, तुर्की और पाक ने इसका पुरजोर विरोध किया है।

alaqsa news

क़तर ने भी ‘फि’लि’स्ति’नीयो लोगो के समर्थन में अपनों आवाज को बुलंद किया है। हगिया सोफिया के फैसले के आने के बाद ए’र्दोगा’न ने अपने बयान में कहा था कि हम म’स्जि’दे अ’ल अ’क़्सा को भी इ’ज’रा’इल के गि’र’फ्त से मुक्त जल्द कराएंगे।

Leave a Comment