जा’न हथेली पर रखकर असलम और आरिफ ने बचाई हि’न्दू परिवारों के 10 लोगों की जा’न,सेल्फी के चक्कर में प’लटी थी नाव

इस देश में सभी धर्मों के लोग रहते है। चाहे वो मु’स्लिम हो या फिर हिन्दू धर्म या भी अन्य धर्म को मानने वाले लोग हो । लेकिन समाज में एक दूसरे के लिए मोहब्बत और प्रेम होता है और गंगा जमुनी तहज़ीब आज भी जिं’दा है । इसको साबित कर दिया है 2 मु’स्लिम युवकों ने । इन दोनों मु;स्लिम युवकों के इस काम को पूरा शहर उन्हें सलाम कर रहा है ।किसी भी दल के नेता जब समाज के एक दूसरे के लोगो को बा’टने के के लिए चाहे जो बयान देते हो ।

लेकिन आपके आसपास के लोग ही मु;सी’बत में आपके मददगार होते है ये बात को साबित कर दिया है कुशीनगर जिले के रहने वाले 2 मु’स्लि’म युवकों ने। जहाँ छठ पूजा के समय नाव नदी में पलट जाने से 10 लोगो की जा’न पर आफत आ गई। कुदरत की मेहरबानी रही कि वहाँ मु’स्लि’म लड़को ने बहा’दुरी दिखाते हुए एक परिवार के 10 सदस्यों को जान बचाने का काम किया।अब इन दोनो युवकों की पूरा इलाका सराहना कर रहा है, उन्हें सलाम पेश कर रहा और लोग उन्हें माला पहनाकर उनका धन्यवाद भी कर रहे है ।

हर किसी के मुँह से एक ही बात निकल रही है कि अगर असलम और आरिफ ने ब’हा’दुरी न दिखाई न होती तो आज 10 लोगो की जा’न चली जाती। बता दे कि जिले के सेवरही थाना क्षेत्र के तिवारी पट्टी गांव के लोग भी छठ पूजा करने के लिए बासी नदी के छठ घाट पर आए थे। इलाके से भी काफी भीड़ आई थी। उगते सूरज के साथ ही घाट पर पूजा और नाव की सैर के लिए भी लोग उत्सुक थे।

बहुत से लोगो की इच्छा होती हैं कि वो कही पर जाए तो एन्जॉय करे। वहां पर बहुत से लोगो ने एक नाव को बुक भी किया था। लेकिन उनका इस नाव को बुक करना भा’री प’ड़ गया । जैसे ही नाव बीच मे पहुची तो बैलेंस बिगड़ गया। नाविक के म’ना करने पर भी लोगो ने सेल्फी को लिया। सेल्फी लेते समय नाव पर भार अधिक होने से वह अनि’यं’त्रि’त हो गई। इसके बाद वो गहरे पानी मे प’लट गई। ना’व प’लटने के बाद लोगो मे अफरा तफरी मच गई।

लेकिन किसी ने इनकी मदद नही की थी। इसी समय घाट पर पूजा देखने के लिए गए दो मु’स्लि’म युवक ने इनकी जा’न बचाई। टोला निवासी असलम रजा पुत्र समसुल अंसारी और मोहम्मद आशिक अली ने इन्हें ‘डूबते हुए देख लिया। वो इनकी जा’न की परवाह किए बगैर उन लोगो की जा’न को बचा लिया। डू’ब रहे सभी 10 लोगो को कड़ी मशक्कत के साथ बाहर निकाला। इनके साहस को देखने के बाद अन्य लोगो ने भी मदद किया।

लोगो के इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है। हादसे के बाद से ही हर किसी की जुबान पर सिर्फ असलम और आरिफ के लिए सराहना सुनाई जा रही है। सब यही कह रहे है कि अगर यह दोनों लड़के नही होते तो आज 10 लोगो किं जान चली जाती। जिसका की किसी को भी अंदेशा नही था कि ऐसा हो सकता था। हमारी तरफ से भी असलम और आरिफ को उनकी ब’हादुरी के लिए सलाम पेश है ।

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