फिल्मी अंदाज में शुरू हुई थी ‘बाबा का ढाबा’ की कहानी, घाटे के बाद बंद हुआ रेस्टोरेंट, 45 लाख मदद मिलने के बाद भी ..

एक मामूली आदमी से इं’टर’नेट की दुनिया मे सनसनी बनकर देश दुनिया मे छाने वाले दिल्ली के कां’ता प्रसा’द यानी कि बा’बा की ढा’बा के संचालन की अपनी सँ’घर्ष की ग’जब ही कहानी बीते दीनी ही सामने आई है। दरअसल इंटरनेट की मीडिया पर एक यू’टूबर गौ’रव वस’न के वी’डियो के बाद से चर्चित हुए बाबा का ढाबा के संचालक़ ने

दोबा’रा ही अपने पुराने ढा’बे को खो’ल लिया है।बाबा कां’ता प्र’साद का कहना है कि आम’दनी कम और लागत ज्यादा होने की वजह से उन’को का’फी ज्या’दा नुक’सान हो रहा था। इसी वजह से उन्होने अपने रेस्टो’रेंट को बं’द कर दिया ह।जैसे ही उनकव नाम और पैसा मिल उनके ओर गौरव वस’न के बीच हालात बिग’डमे लगे।

baba ka dhaba

दिसम्बंर 2020 से शुरू हुए इस रेस्टो’रेंट का का’रोबार महज 2 महीने ही चला इसके बाद फर’वरी के महीने में इस पर ता’ला ल’ग गया।कांता प्रसा’द बताए है कि उन’को का’फी ज्या’दा घा’टा हो रहा था। उन्हें कम से कम 1 लाख रूपर का खर्च महीने के लिए चाहि’ये होते थे लेकिन उनकी आमदनी महज 30 हजार रूप’ए ही हो रही थी।

तभी उन्होंने फैसला लिया कि वह अब अपना रेस्टो’रेंट को बं’द कर देंगे और जिस ढा’बे पर सा’लों से का’म कर रहे है वही पर ही करेंगे।इसी बीच आजतक ने जब उनसे गौ’रव वासन को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि गौरव के दरवा’जे अब खुले हुए है।

baba ka dhaba

कांटा प्रसाद उस बात को मानते है कि वो दूसरे लोगों की बातों में आकर ऐसा किया है। अब मैं पूरी घटना को लेकर भी वो बहुत ज्यादा श’र्मिं’दा है। उन्होंने आगे कहा कि गौरव कभी भी आना चाहे उसका स्वागत है।

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