अमीर बनने का सबसे आसान रास्ता , हु’ज़ूर पा’क (स.अ.व.) ने इरशाद फ़रमाया

दुनिया मे जितने भी इं’सान है , सब की रो’ज़ी अ’ल्ला’ह त’आ’ला ने लि’ख दी है। जो रो’ज़ी अ’ल्ला’ह त’आ’ला ने लिख दी है वो रो’जी उस इंसान को मिलकर ही रहेगी। इसे लेने से कोई भी न’ही रो’क पाएगा। हर इंसान के लिए एक हिस्सा लिख दिया गया है , वो उ’से मिलेगा। उस से ना ज्यादा मिलेगा और ना ही क’म। अ’ल्ला’ह त’आ’ला के मुताबिक ह’ला’ल रो’जी हासिल करो तो उसके कई फा’य’दे है।

हु’जू’र पा’क स’ल्ला’हु अ’लै’ही व’स्स’लम ने इरशाद फ़रमाया है कि जो कोई भी ह’ला’ल की रो’जी रो’टी कमाता है , वो शख्स अ’मीर है। कु’रा’न और ह’दी’स में आया है कि अपनी रोजी को ह’ला’ल तरीको से कमाओ । ह’रा’म जरिये से न कमाओ। रो’जी तुम्हारी लिखी हुई है। वो तुम्हे जरूर मिलेगी। आज कल लोग प’रे’शा’न हो जाते है तो कुछ भी कर गु’ज’र’ने की सोचते है। उनके दिल मे सि’र्फ एक ही बात आती है कि हमें कही से भी पैसे हासिल करने है।

चांहे से वो क’मा’ई ह’रा’म ही क्यों न हो । लेकिन ह’रा’म की हुए क;मा’ई में कभी भी ब’र’क’त नहीं होती है। वो रो’जी चं’द दिनों में ही ख’त्म हो जाती है। लेकिन ह’ला’ल तरीको से क’मा’ओ’गे तो उसमें ब’र’क’त होगी। इस दौ’ल’त से इं’सा’न ब’ड़ा आ’द’मी भी ब’न सकता है। ह’दी’स श’री’फ़ में आया है कि इं’सा’न की रो’जी इस तरह से उसे त’ला’श करती है। जैसे इं’सा’न को मौ’त त’ला’श करती है।

कोई भी इं’सा’न मौ’त से न’ही ब’च स’क’ता है । जब इं’सा’न का मौ’त का व’क्त होता है, तो वो कही पर भी हो वो उसे घे’र लेती है। ऐसी तरह से ही रो’जी इं’सा’न को मि’ल’क’र रहेगी। हम जो भी काम करते है, पहले देखना चाहिए कि ये ‘ह’रा’म रास्ता है या फिर ह’ला’ल रास्ता। आपको बता दे , आज हमारे मु’आ’श’रे में हम क्या देख रहे है।

आज हर व्य’क्ति प’रे’शा’न रहता है , वो रो’ज़ी क’मा’ने के चक्कर में ग’ल’त फै’स’ला ले लेता है। आज का नौ’ज’वा’न मु’स’ल’मा’न ग़’ल’त रा’ह पर भ’ट’क’ता हु’आ दि’खा’ई दे’ता है। जिस ग़ै’र त’री’के से इ’स्ला’म ने क’मा’ने से म’ना किया है उसी में सबसे ज्यादा लोग आज हमें दिखाई देते है। आज मु’स’ल’मा’नों को स’ब्र रखना चाहिए और दी’न के ब’ता’ए रा’स्ते पर च’ल’ने की को’शि’श करनी चाहिए।

आज मु’स्लि’म को अपने मा’जी के हा’ला’त पर यानि अपना पुराना इ’ति’हा’स पढ़ना चाहिए ,ताकि उससे स’ब’क लेना चाहिए। हम मु;स्लि;मों को चाहिए कि ह;ला;ल रि;ज़्क़ कमाए और उसी पर ध्यान दे। या अ;ल्ला;ह हम सब को आ’का ए क’री’म स’ल्ला’हु अलैहि व’स्स’ल”म के बताए गए फ’र’मा’न पर चलने की तौ’फ़ी’क़ अ’ता फ’र’मा , आ’मी’न ।

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