भोपाल में दिखेगा क़ाबा जैसे नज़ारा, 3 दिन के लिए जुटेंगे दुनियाभर के लाखों मुसलमान ! जानिए क्यों

मुस्लिम समाज का मानना है कि तबलीग जरूरी है, तबलीग यानी दीन को सीखना और सिखाना। तबलीग करने के लिए हर महीने या फिर साल भर में इज्तिमा होता है। बीते दिनों यह हरियाणा में हुआ था ,अब नवंबर में पहले सप्ताह में राजस्थान के सवाई माधोपुर और नवम्बर के आखिरी सप्ताह में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में होगा । यह इज्तेमा हर साल लगता है और भारी तादाद में लोग इसमे शिरकत भी करते है।

इसमें शिरक़त करने वाले लोगों में देश के लगभग हर राज्य के तब्लीगी ही नही बल्कि विदेश से भी लोग यहां तबलीग के लिए आते है और दर्स देते है ।इज्तिमा का मतलब एक धार्मिक सम्मेलन है। जहाँ पर धर्म की जानकारी देने के अलावा सामाजिक फैसले भी लिए जाते है। जैसे शादी में द’हे’ज प्र’था को बं’द किया जाए आदि । मध्य प्रदेश की राजधानी में 3 दिन के लिए तब्लीगी जमात के आलमी इज्तिमा होने जा रहा है।

जिसमे दुनियाभर के इंसान मौजूद होंगे। इसमें बताया जा रहा है कि दुनियाभर से करीब 25 लाख से भी ज्यादा लोगों की भीड़ होगी। इसको देखते हुए इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसकी तैयारी के लिए सबसे पहले ट्रेनों की व्यवस्था की है। ताकि सफर कर रहे लोगो को परेशानी न हो । इसमें उन्होंने कोच से अपील की है कि वो ज्यादा डिब्बे लगाए। भोपाल में यह इज्तिमा 23 नवंबर से 25 नवंबर तक चलेगा।

भोपाल में हर साल तीन दिन के लिए यह इज्तिमा होता है। 2018 में भी यह हुआ था। 2018 में यह इज्तिमा 4 दिन तक चला था। इज्तिमा में देशभर के अलावा विदेशो से भी मुस्लिम शिरकत करते है। इज्तिमा की तैयारी के सिलसिले में मंत्रालय में समीक्षा बैठक हुई थी। उन्होंने कहा कि यहां पर सफाई का बड़ा एहतराम किया जाए। क्योंकि यहां पर विदेशो से मुस्लिम आते है।

उन्होंने कहा कि हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि हम हर साल की तरह इस साल भी इज्तिमा साफ सफाई के मामले में मिसाल बनाए। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आरिफ अकील ने इज्तिमा में शामिल होने वाले लोगो के लिए भारतीय रेलवे द्वारा बेहतर व्यवस्था रखने के लिए कहा है। ताकि दूर से आने वाले मुसाफिर को कोई परेशानी का सामना नही करना पड़े। देश और विदेश में मौजूद हर तब्लीगी तक इसकी जानकारी पहुचाना चाहिए, आप इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें । shukriya

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