दुनिया के सबसे बड़े इस्लामी संगठन नहदलतुल उलेमा (NU) के बोर्ड में शामिल की गई 11 महिलाऐं

दुनिया के सबसे बड़ी इ’स्ला’मी सं’गठन की डिसीजन मेकिंग बॉडी में महिलाओं को शामिल किया गया है। बीते तकरीब। 100 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है। जिसमे इंडोने’शिया का नहदल तूल उले’मा,दुनिया का सबसे बड़ा इस्लामी सँगठम भी माना जाता है।

उलेमा ने पांच साल के कार्य’काल के लिए अपने केंद्रीय बोर्ड में 11 महिलाओं सहित 150 से अधिक सदस्यों को जोड़ा है।बोर्ड मेम्बर अलिसा वाहिद ने कहा है कि यह बदला’व समय और अपरिहार्य के लिए है। यह उलेमा में हुई महिला’ओं की भूमिका’ओं पर हो रही लगातार चर्चा का ही फल है।

बोर्ड में महि’लाओं के शामिल होने से उलेमा महिलाओं के क’ल्याण के लिए काम कर सकेगा। जिससे उनकी स्थिति में सुधार हो सके।भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक बता दे किअलिसा इंडोनेशोय के दिवगंत राष्ट्रपति अब्दुर्रहमान वाहिद की बेटी है।

राजनीति में आने से पहले उनके पिता नहडल तूल उलेboard of nahdalatul ulema nu news 2021मा के नेता गुस दस के रूप में जाने जाते थे।अलिसा ने कहा है कि अब तक संगठन के मामले में महिलाओं को सदस्यता दी जाती थी। यह पहली बार है जब महिलाओं को बोर्ड में शामिल किया गया है।

उन्हें हाई लीडरशिप की कमान भी सोपि गई है। उन्होंने कहा है कि मुझे उम्मीद है कि हम महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों और कृ प्रथाओं को खत्म भी कर सकेंगे।

नहडल तूल उलेमा की सर्वोच्य परिषद की मदद करने वालेस्कोर्स के एक समूह अवान में नियुक्ति एक महिला मु;स्लिम नेता ब’द्रीयह फ़्यूमि का कहना है कि बोर्ड में महिलाओं को शामिल करना

नह दल तूल उलेमा की उदारवादी इस्ला’म की भावना का एक उदाहरण है। उन्होंने कहा है कि जब समूह अधिक ज्यादा रू’ढ़िवादी हो जाते है तो महिलाओं को निशाना बनाया जाता है।

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