बॉक्सर निकहत जरीन ने बुल्गारिया में रचा इतिहास, गोल्ड मेडल जीतकर बनाया कीर्तिमान

भारतीय मुक्केबाज निकहत जरीन ने बुल्गारिया के सोफिया में 73 वेस्ट्रेडजा मेमोरियल टूर्नामेंट में बीते दिनों ही अपने अपने फाइनल मैच में जीतकर गोल्ड मेडल को हासिल किया है। नीतू ने फाइनल में इटली की एरिका प्रिसियाडारो को आसानी से हराजर गोल्ड मेडल जीता।

उन्होंने पुर्व युवा विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता पर 5-0 से जीत हासिल की है।उन्होंने अपनी लम्बीपहुँच का पूरा फायदा उठाकर शानदार जवाबी हमला किए है। निकहत ने तीन बार की यूरोपिय चैम्पियनशिप की तीन बार की पदक विजेता यूक्रेन की

टेटियाना कोब को 4-1 से पटखनी दी। जरीन को हालांकि मुश्किल चुनोती का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी को हावी होने का मौका नही दिया।इस टूर्नामेंट में दो बार स्वर्ण पदक को जीतने वाली इकलौती भारतीय मुक्केबाज है।

इस 25 साल की खिलाड़ी ने जीत को दर्ज करने के बाद मुस्कुराते हुए कहा है कि आप मुझे स्ट्रेडजा की रानी कह सकते है क्योंकि मैं बहुत खुश हूं। उन्होंने आगे बताया है कि यह दोनों गोल्ड मेडल अधिक खास है। क्योंकि मैंने सेमीफाइनल में ओलंपिक पदक विजेता को हराया था। तीन बड़ी प्रतियोगिता कतार में है। ऐसे में इससे मेरा आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

इन दोनों के अलावा नन्दिनी कांस्य के साथ देश की तीसरी पदक विजेता रही है। कई बार की राष्ट्रीय पदक विजेता हैदराबाद की जरीन साल 2019 में स्ट्रेडजा मेमोरियल में गोल्ड मेडल जीत चुकी है।

Leave a Comment