ना’गरिकता का’नून पर सीएम अशोक गहलोत का बड़ा बयान, बोले -डि’टेंशन सेंटर में जाना पड़ा तो सबसे पहले …

नाग’रिकता का’नून को लेकर देश भर में वि’रो’ध प्रदर्शन जारी है। इस कानून को लेकर 15 दिसम्बर को हुए जा’मिया में विरो’ध प्रदर्शन के बाद से ही देश के अलग अलग हिस्सों से लोग सड़’कों पर उतर रहे है । इस का’नून को लेकर शाहीन बाग की महिलाओं का धरने को दो महीने से ज्यादा का हो गया है । देश के कोने कोने में इस का’नून को लेकर महिलाए अनि’श्चित’कालीन धरने पर बैठी हुई है।

इसमें असम, बंगाल, तमिलनाडु, यूपी, एमपी , राजस्थान ,पंजाब, केरल और गुजरात जैसे राज्यों में दिन रात प्रदर्शन चल रहा है ।इसी बीच राजस्थान की राजधानी में भी शाहीन बाग चल रहा है । यहां पर राजस्थान सरकार के कई विधायक विरोध प्रदर्शन में शामिल हो चुके है । इससे पहले राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने भी जयपुर में वि’रोध मार्च निकाला था । इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे ।

नागरि’कता का’नून के वि’रोध में निकले मार्च में कई विधायक और मंत्री शामिल हुए थे । इससे बाद राज्य सर’कार नाग’रिकता का’नून के विरो’ध में प्रस्ता’व को भी सदन में पेश किया और इसे मं’जूर कराया था । अब सीएम अशोक गहलोत का बयान सुर्खिया बतौर रहा है । जयपुर में एमआई रॉड पर स्थित स्मारक पर जारी धरने में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पहुँच गए।

उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। गहलोत ने कहा है कि अगर डि\टेंशन सेंटर में जाना पड़े तो सबसे पहले मैं जाऊँगा। किसी को भी सेंटर में नही जाने दिया जाएगा। किस को भी घब\राने की जरूरत नही है। उन्होंने कहा है कि मुझे खुद को पता नही है कि मेरे माता पिता का जन्म कहा पर हुआ है। गहलोत ने कहा कि कागज बनाना सरकार का अधिकार है।

दिल्ली की शाहीनबाग की महिलाएं 2 महीने से ज्यादा सड़को पर बैठी हुई है। इसके अलावा महारष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु आदि जगहों पर विरोध हो रहे है। राजस्थान में जयपुर, सीकर, सवाईमाधोपुर, कोटा , बारां, गंगानगर, टोंक में भी 24 घण्टे धरना प्रदर्शन जारी है । यहां पर बैठे प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरकार नागरिकता कानून को वापस ले और एनपीआर पर भी रोक लगाए ।

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