एर्दोगन के ऐतिहासिक फैसले से यूरोप, अमेरिका में खलबली, एर्दोगन बोले- मस्जिद-ए-अक़्सा की ओर पहला ..

तुर्की के ऐतिहासिक शहर इस्ताम्बुल में स्थित हागिया सोफिया(hagia sophia) को दोबारा से म्यूजियम से मस्जिद में बदलने का आदेश तुर्की कोर्ट ने दे दिया है । इससे तुर्की सहित दुनिया के मुस्लिम देशों में ख़ुशी की लहर दौड़ आई है । तुर्की राष्ट्रपति ने इस आदेश के आने से पहले ही संकेत दे दिए थे कि वो जल्द ही इस्ताम्बुल की हागिया सोफिया म्यूजियम को मस्जिद में बदलने जा रहे है ।

गौरतलब है कि तुर्की सदर रजब तैयब एर्दोगन ने चुनावी सभा मे तुर्कि की जनता को भरोसा दिलाया था कि वो हागिया सफ़िया म्यूजियम को मस्जिद में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है । इससे पहले तुर्की की इस ऐतिहासिक इमारत का इतिहास लाजवाब रहा है ।बता दे, ये तुर्की के लिए सबसे लोकप्रिय पर्यटक में से एक है।

dome of hagia sophia

सम्राट जस्तीनियन ने सन 532 में एक चर्च का निर्माण किया था। उन दिनों इस्तंबिल को कुस्तुन्तुनिया के नाम से जाना जाता था। ये बाइजेंटाइन सम्राज्य की राजधानी थी। ये चर्च उस वक्त आर्थोडाक्स ईसाई को मानने वालों के लिए एक केंद्र बन गया था ।1453 में ओटोमन साम्राज्य जिसने उस्मानिया सल्तनत ने लंबे समय की मेहनत के बाद कुस्तुन्तुनिया को फतह किया । इसका नाम बदल कर इस्ताम्बुल कर दिया गया ।

सुल्तान ने हगिया सोफिया(hagia sophia) की मरम्मत के लिए आदेश दिया इसके बाद इस चर्च खरीदा गया । फिर इसे मस्जिद में बदल दिया गया । ऑटोमन साम्राज्य को ख़िलाफ़ते उस्मानिया भी कहा जाता है। पहले प्रथम विश्व युद्ध के समय तुकी को हार का सामना करना पड़ा और आधुनिक तुर्की के निर्माता कहे जाने वाले मुस्तुफा कमाल पाशा ने इस सिलसिले में हागिया सोफिया को मस्जिद में बदलकर म्यूजियम बना दिया था।

dome of hagia sophia

1934 में इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया था । तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान ने पिछले आम चुनाव में भी इसे मस्जिद बनाने का वादा भी किया था। डेढ हजार साल पुराने चर्च को पहले मस्जिद, फिर म्यूजियम बनाया गया और अब मस्जिद बनाने का फैसला किया गया है।ये तुर्की के लिए बहुत बड़ी जीत है।

कोर्ट ने अपने फैसले में भी कहा है कि हगिया सोफिया अब म्यूजियम नही रहेगा और 1934 के कैबिनेट के फैसले को भी अब रद्द कर दिया गया है।आज हगिया सोफिया(hagia sophia) में लोगो की भी’ड़ लगी हुई है और अ’ल्ला’हु अ”कब’र की सदाए गूंज रही है।

dome of hagia sophia

बता दे, हागिया सोफिया(hagia sophia) फैसले के बाद ग्रीक, अमेरिका, UAE का बयान आया है ।मुस्लिम देश UAE ने भी तुर्की के कोर्ट के इस फै’सले पर आपत्ति दर्ज कराई है । वही अमेरिका लगातार तु’र्की से कहता रहा है कि वो हागिया सोफिया मामले में सा’व’धा’नि’यां बरते ।

अ’मेरिकी विदे’श मं’त्री मा’इक पोम’पियो ने कहा कि तुर्की को इस ऐतिहासिक इमारत को म्यूजियम में रहने देना चाहिए यज़ मस्जिद में त’ब्दील नही करना चाहिए ।ग्रीक ने भी इस पर कड़ी आ’प’त्ति दर्ज क’राई है । एर्दोगन ने मिडिया से बात करते हुए कहा कि हागिया सोफिया का मस्जिद बनना मस्जिद-ए-अक़्सा की ओर पहला कदम है।

dome of hagia sophia

ईसाई ऑर्थोडॉक्स ने कहा है कि एर्दोगन सिर्फ चुनावी फायदे के लिए ऐसा कर रहे है । उन्होंने आगे ये भी कहा है रा’जनी’ति’ के लिए इस एर्दोगन को इसे ‘म’स्जिद में त’ब्दील नही करना चाहिए ।

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