प’वित्र क़ु’रान को लेकर डॉ रजत मल्होत्रा ने कही दिल छू लेने वाली बात,बोले – कु’रान मु’सलामनों के लिए नहीं बल्कि…

दुनिया मे कई तरह ध’र्म है और उन सभी ध’र्मों को मानने वाले करोड़ो की संख्या में लोग निवास करते हैं। सभी ध’र्मों के अलग अलग नियम हैं, सभी ध’र्मों के अलग अलग ग्र’न्थ है। चाहे ई’साई हो , हि’न्दू हो , मु’स्लिम हो, सि’ख ही, पा’रसी हो, बु’द्धि’ज़्म हो । यह बात जरूरी नही है कि हि’न्दू ध’र्म को मानने वाला इंसान मु’स्लिम के ग्र’न्थ नही जानता । मु’स्लिम ध’र्म मे कुर’आ’न पा’क को एक सच्ची और पवित्र किताब मानी जाती है।

इसको बहुत से लोग जो दूसरे मजह’ब से ताल्लुक रखते है । उन्होंने साबित किया है। इसके अलावा मुस्लि’म ध’र्म को जानने की भी कोशिश की है। कुछ लोंगो ने क़ु’रआन को लेकर रिसर्च कि उसके बाद काफी लोग क़ुरआ’न की सच्चाई जानकर इ’स्ला’म ध’र्म को अपना लिया तो वही कुछ लोग इस किताब से जानकारी हासिल करके उसे अपनी जिंदगी को खुबसूरत बनाने का काम कर रहे है ।

आइये आपको बता दे कि सेंटर फ़ॉर पी’स एंड स्पि’रिचु’लि’टी (CPS ) इंटरनेशनल के डॉ रजत म’ल्हो’त्रा का कहना है कि कुरआ’न वास्तव में , पूरी मानव जा’ति के लिए एक किता’ब है। रजत जी का कहना है कि मैने बहुत से सवालों के जवाब ढूंढे लेकिन मुझे कही नही मिले।

असल मे मैंने कु’रान पा’क में कई सवालों के जवाब भी मिले। इसके अलावा उनका कहना है कि उन्हें अपने अस्ति’त्व के उद्दे’श्य को समझने में मदद मिली। कुरा’न पा’क में साइं’स से लेकर अपनी जिन्दगी को कैसे जीना चाहिए। रजत आगे कहते यह सब हमें कु’र’आ’न श’रीफ बताता है। मतलब साफ है रजत ने कु’र’आ’न श’रीफ का गहन अध्ययन किया है।

इसके अलावा रज’त जी ने कहा कि मेरा मानना है कि कुरआ’न भा’ईचारा, शांति, करुणा आदि कई विषयों को शामिल करता है। कुरा’न की आ’यत के हिसाब से उसका तर्जु’मा करके हमे पता चलता है कि क्या क्या बात लिखी हुई है। रजत जी ने बाद में कहा कि कुरआ’न श’रीफ हमें दि’व’प’क्षीय नै’तिकता के बजाए हमे एक तरफा नै’तिकता सिखाता है। जो कि बहुत ही अहम हैं।

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