हिजाब जरुरी है या नहीं जज साहब थोड़े ही बताएंगे: डॉ एस वाई कुरैशी

कर्नाटक के उडुप्पी से शुरू हुआ हि’जाब विवा’द अब थमने का नाम नही ले रहा है। कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा हि’जा’ब को गै’र इ’स्ला’मी बताए जाने के बाद हिजाब पहनने के अधिकर के लिए सँघ’र्ष करने वाली छात्राओं ने सु’प्रीम कोर्ट का रुख किया है

हालांकि सुप्री’म कोर्ट ने इस मा’मले पर सुन’वाई के लिए कोई नि’श्चित ता’रीख देने से साफ इंकार कर दिया है। अब इस माम’ले पर पूर्व चुमाव आ’युक्त ने क’र्नाटक हाई कोर्ट के निर्णय पर अपने सवा’ल उठाए है।उन्होंने भा’स्कर को दिए गए इन्टरव्यू में कहा है कि

हि’जा’ब कु’रान का हि’स्सा नही लेकिन यह जरूर कहा गया है कि म’र्द औ’रत दोनों ही शा’लीन क’पड़े पहनने भी चाहिए। कॉलेज की बै’न की बात हुई है।लेकिन वहां तो यू’नि’फार्म नही होती है। स्कू’ल यूनि’फार्म में सि’खों की पगड़ी, सि’न्दूर की इजाज’त है तो

फिर हिज़ा’ब से कैसे दिक्कत है। हिजा’बी जरूरी है या नही इस बात को ज’ज सा’हब नही बता।एगे। यह बात तो सिर्फ मौ’लाना ही बता एगे। मौ’लाना IPC के फैसले देने लगे तो क्या यह सही भी होगा।डॉ’क्टर एस वाइ कुरैशी ने क’श्मी’री पंडि’तों को लेकर पूछेगए स’वाल का जवाब देते हुए कहा है कि क’श्मीरी पंडि’तो के साथ ज्यादती हुई यह सच है।

लेकिन पं’डितों को मा’र तो मु’सलमा’नो को भी मा’रा। मान’वता से मत’लब होना चाहिए। मज’हब से नही होना चाहिए। यह तो वही हुआ है जो काम आं’त’कवा’दी करना चाहते थे। यह काम अब यह फ़िल्म कर रही है।

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