Drilis Ertugrul हुआ सुपरहिट तो आमने सामने हुए तुुर्की और यूएई, UAE ने बनाई इब्ने अरबी सीरिज, जानिए

सल्तनत ए उस्मा’निया के संस्थापक की शान पर बनी तुर्की की ” ड्रिलि’स अ’र्तुगल ” पर बनी सि’रीज पुरी दुनिया मे धूम मचा रही है । ‘मु’स्लि’म दुनिया मे इसे खास तौर पर पसंद किया जा रहा है, हालांकि सऊदी, युएई, मिस्र ओर बहरीन मे इस पर पा’बं’दी लगा दी गई है । इन सब के बीच यूएई ने तु’र्की के ड्रामा सिरीज ” ड्रिलिस अर्तुगल ” के जवाब मे स्पेन के शहर उन्दुलूस मे जन्मे ” इब्न उल अरबी ” के जीवन पर एक सिरीज बनाई है ।

मु’हीउ’द्दीन इब्न उल अरबी अ’र्तुग’ल के रूहानी रहनुमा / पीर रहे है । सल्तनत ए उस्मानिया की बुनियाद कायम करने मे उनका बहुत महत्वपूर्ण किरदार रहा है । इब्न उल अरबी एक रहस्यवादी , सुफी, दार्शनिक ओर कवि थे । मु;स्लिम दुनिया मे इन्हे शैख ए अ’कबर के नाम से भी जाना जाता है । तो वही प’श्चिमी दुनिया ने उन्हे ग्रेटेस्टर मास्ट’र का नाम दिया ।

मुहीउद्दीन इब्न ए अरबी का जन्म करीब 1165 मे इदुंलिस स्पेन की मुरिश संस्कृति मे हुआ । जो यहूदी, इसाई ओर अन्य असाधारण कला का केन्द्र था । इब्न उल अरबी का आध्यात्मिक उपलब्धि कम उम्र मे ही स्पष्ट हो गयी थी । ओर वे फिर , महान शिक्षक होने के साथ-साथ अपनी महान दूरदर्शिता के लिए प्रसिद्ध थे , मुहीउद्दीन इब्न उल अरबी ने इस्लामी दुनिया मे बडे पैमाने पर यात्रा की । ओर, 1240 ईस्वी मे दमिश्क मे इंतकाल फरमाकर इस पानी दुनिया से रूख्सत हो गये ।

इब्न उल अरबी ने फुस अल-हिकम सहित करीब 350 से रचनाएं लिखी । ओ इस्लाम/इसाई/यहूदी लाइन मे भविष्यद्वताओ के ज्ञान के आंतरिक अर्थ का वर्णन करती है । ओर अल-फतुहात-अल-मक्कीया एक ,अध्यात्मिक ज्ञान का एक विशाल शब्द कोश है इसके अलावा उनकी प्रमुख किताबों मे ” फ्युसस अल-हिकम , तुर्जूमान अल-अशवाक , शजरत अल-कावन शामिल है ।

इब्न उल अरबी मक्का मे भी रहा तथा इसके अलावा वो हिजाज, सीरिया, आर्मेनिया मे भी रहे जब वो मक्का मे रहते थे । तब उन्होंने ईश्वर के प्रेम के बारे मे सबसे अधिक सुफी रचनाएं लिखी ।उम्र का आखरी वक्त उन्होने दमिश्क मे बिताया । जहां उन्हे काफी सम्मान ओर मुहब्बत मिली यहाँ पर उनका 1240 मे इन्तकाल हो गया । ओर वो इस दुनिया-ए-फानी से रूख्सत हो गये ।

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