सऊदी अरब की मदद से बनेगी मिस्र में किंग सलमान यूनिवर्सिटी, लाखों गरीब मुस्लिमों को मिलेगी शिक्षा, मिस्र के राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

सऊदी अरब हाल ही में 850 से ज्यादा कम्पनियों में मेड इन सऊदी प्रोग्राम में शामिल होने के आवेदन भी किया है। जो विजन 2030 के रौड मेप का एक हिस्सा भी है।बता दे कि सऊदी के पैसों से अब मिस्र में किंग सलमान नाम की एक यूनिवर्सिटी भी बनने वाली है।

मिस के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी ने सलमान यूनिवर्सिटी को मिस्र के सिनाई में बनने के लिए सऊदी फंड से $389 मिलयन के ऋण को मंजूरी दे दी है। न्यू खलीज ने आधिकारिक राजपत्र पर दिखाई देने वाली राष्ट्रपति के फैसले का आहान भी किया है।इस बयान के बाद अल सीसी ने मूल रूप से सऊदी फंड ओर कहिरा के बीच 8 अप्रैल2016 को हस्तांतरित भी किया था।

Egypt's Sisi

बता दे कि अल सीसी ने प्रायद्वीप के विकास के लिए सऊदी शाह के कार्यक्रम के हिस्से के रूप में मिस्र की पूर्वोत्तर सीमा पर सिनाई प्रायद्वीपके एल टोर के शहर में किंग सलमान बिंअब्दुल अजीज यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए सहमति भी व्यक्त की है ।

मिस्र की कैबिनेट काउंसिल ने इसे संसद द्वारा और फिर अल सीसी द्वारा अनुमोदित किए जाने से पहले समझौते को भी मंजूरी दे दी है।इस यूनिवर्सिटी के निर्माण के बारे में बताया जा रहा है कि जल्द ही शुरू होगा। इस समझौते पर दोनों देशों के बीच अगस्त 2020 में हस्ताक्षर भी किए गए थे।

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इसकी डिग्री बीते दिनों ही राजपत्र में प्रकाशित हुई है। सऊदी अरब विजन 2030 तक के तहत कई बदलाव करने में लगा हुआ है। सऊदी सरकार का कहना है किविजन 2030में गैर तेल निर्यात के योगदान को भी 50 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है।

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