एर्दोगन ने पुतिन से कहा- आर्मेनिया को Nagorno Karabakh डील में जिम्मेदारियों से बचने की अनुमति नहीं दें क्योकि …

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन ने nagorno karabakh के समझौते के बाद हुए सं’घर्ष वि’रा’म के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फ़ोन कॉल पर बातचीत की । एर्दोगन ने पुतिन से कहा कि आर्मनि’या को Nagorno Karabakh के साथ संघ’र्ष वि’रा’म सम’झौते के तहत जिम्मेदारियोंसे बचने की अनुमति नही दी जानी चहियेबम

एर्दोगन ने कहा कि वह उम्मीद करता है कि नागोरनो काराबाख क्षेत्र मे तुर्की और रूस के सैनिक सँयुक्त निगरानी करेगे वो जल्द ही इस पूरे मामलों को लेकर सक्रिय हो जायेगे । आजेरबेजान कि क्षेत्रीय अखंडता के सम्बंध में तुर्की की संवेदनशीलता को दोहराया । एर्दोगन ने कहा कि शांति प्रयासों के लिए मिन्स्क समूह के अन्य सदस्यों की आलोचना समझ उnहे नही आती है ।

russia putin
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आपको बता दे, 1992 में nagorno karabakh क्षेत्र में लड़ा’ई’ रोकने के किये आर्मनिया और अजेरबेजान केबीच एक शांति समझौता अमल में लाया गया था । इस समझौते को मिन्हस समूह नाम दिया गया था । फ्रांस, रूस और अमेरिका की अध्यक्षता में इसे गठित किया गया था । लेकिन इस समझौते से कोई फायदा नही हुआ और इस समझौते के 30 साल बाद तक भी आर्मनिया और अजेरबेजन के बीच जं’ग जारी रही ।

हालांकि इस मिन्हस समझौते केबाद 1994 में एक संघ’र्ष वि’रा’म की सह’मति बनी थी जो ज्यादा समय तक न’ही टि’क पाई थी । बता दे, यह दोनों देश सोवियत गणराज्यो का 1991 से ही त’ना’वपू’र्व सं’बंध रहे है । दो पूर्व सोवियत गणराज्यों के बीच त’ना’व और चर’म पर जा पहुँचा जब आर्मेनि’या से’ना ने अजेरबेजान के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्षेत्र ना’गोरनो काराबा’ख पर क’ब्जा कर लिया था ।

nagorno-karabakh conflict
nagorno-karabakh conflict

ठीक 28 साल बाद 44 दिनों तक अजेरबेजान और आर्मेनिया के बीच चले संघर्ष के दौरान आर्मेनियाई से’ना को हा’र का सामना करना पड़ा । अजेरबेजान ने 300 गाँवो को आर्मेनिया से मुक्त करा लिया । 10 नवम्बर को दोनों देशों के बीच समझौता हुआ और ल’ड़ा’ई खत्म हुई ।

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