मिलिए देश की पहली मुस्लिम कुश्ति कोच से, रचा इतिहास और ..

हमारे आसपास कई ऐसे लोग होते है, जो अपने सपनो को पूरा करने में कामयाब हो जाते है और कोई परिवार की वजह से नही हो पाते है। यदी समाज का साथ हो तो हर लड़की अपने सपनो को पूरा करने में मदद गार साबित हो जाती है। आज मुस्लिम समाज भी पढ़ाई पर खासा धयान दे रहा है । इसके अलावा खेल में भी बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहा है ।

एक ऐसी ही दास्ता जिन्होंने परिवार और समाज के लोगो की बातों को सुनकर नजरअंदाज कर दिया। मुस्लिम समाज से तालुल्क रखने वाली फातिमा ने अपनी कुशीत कोच में बड़ी ही उपलब्धियां हासिल की है। इतना ही नही फातिमा देश की पहली महिला कुश्ती कोच बनी है। आज फातिमा भोपाल में बड़े स्तर पर कुश्ती कोच का दायित्व निभा रही है।

female wrestling coach

जब फ़ातिमाने कुश्ती कला सीखनी शुरू की तो उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फातिमा की धुन पक्की थी। उन्होंने मजहब के साचो को तोड़ कर देश की पहली मुस्लिम महिला कुश्ती कोच बनने का गौरव हासिल किया है।फातिमा गीता बबिता फोगट और साक्षी मलिक जैसी नामो पहलवानों को भी राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में ट्रेनिंग दे चुकी है।

45साल की फातिमा ने कुश्ती की शुरुआत 1997 में भोपाल से की थी। इनकी माँ ग्रहिणी थी। फातिमा 2001 में मध्यप्रदेश के सर्वोच्च खेल पुरुस्कार विक्रम अवार्ड से सम्मानित हो चुकी है। ये मध्यप्रदेश की पहली कुश्ती खिलाड़ी है जिन्होंने अपने जिलों को इतना सम्मान दिया है। बता दे कि फातिमा 2004से 2016 तक मध्यप्रदेश के खेल विभाग में अपनी सेवाएं भी दे चुकी है।

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इंदौर के अर्जुन अवार्ड हलवान और जाने माने कोच कृपाशंकर ने फातिमा को उनके जन्मदिन पर बधाई भी दी है। फातिमा ने मीडिया से बात करते हुए बताया है कि वो भारतीय महिला कुश्ती टीम के साथ कजाकिस्तान भी जा चुकी है जहाँ पर हमारी बेटियों ने कई पदक भी जीते है।

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