फ्रांस ने लिया बड़ा फैसला, इन 4 मु’स्लिम देशों के इमामों की एंट्री होगी बंद,राष्ट्रपति बोले – मु’स्लिमों को ..

पूरी दुनिया में इ’स्लाम को लेकर कई तरह तरह बाते सामने आ रही है । इनमें दु’निया के अधिकतर देशों और मिडिल ईस्ट के मध्य तकरार देखने को मिलता है । जर्मनी में भी मुस’लमा”नों को लेकर विरोध हो रहे है। इसी बीच फ्रां’स ने भी अपने देश मे विदेशी इमा’म को लेकर चर्चा की है। दरअसल, इमाम म’स्जिदों में नमा’ज पढ़ाते है।

फ्रां’स की सर’काए ने ये फैसला लिया है कि वो दूसरे देशों ने आने वाले इमा’मो पर रोक लगा रहा है। फ्रांस के कहना है कि देश मे आ”तंकी गति’विधि’यों को रोका जा सके। इस फैसले पर फ्रांस के राष्ट्र’पति इमैनुएल मैक्रो ने मोहर लगा दी है। फ्रांस में लगभग हर साल 300 इमा’म आते है। लेकिन सित’म्बर 2020 के बाद से कोई इ’माम नही आ सकता है।

फ्रांस में ज्यादातर इ’माम, अल्जीरिया , मोरक्को और तुर्की से आते है। मैक्रो ने कहा है कि हमने फ्रेंच मु’स्लि’म काउं’सिल से कहा कि इस बात का बहुत ख्याल रखे कि कोई विदेशी इमा’म फ्रांस में न आए। मैक्रो ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा जरूरी नही है कि सभी आतं’की मुस्लि’म ही हो लेकिन ज्यादातर मा’मलों में इस्ला’मिक आ’तंक’वाद ही सामने आता है।

मेरी सभी ध’र्मों से अपील है कि फ्रांस की रक्षा’ करे और का’नून का पालन करे। राष्ट्र’पति ने कहा कि कैसे ध’र्म के नाम पर लोग मस्जिदों को पैसा देते है। इन पेसो का उपयोग गलत कामो के लिए होता है। फ्रांस मुस’लमा’नों के खि’लाफ नही है लेकिन आ’तंक’वाद का समर्थन करने वालो के पक्ष में भी नही है।

2019 में हुए फ्रांस की जनगणना के अनुसार कुल जनसंख्या 6.7 करोड़ थी। इसमें 65 लाख मु’स्लिम है। फ्रांस के 4देशों से समझौता है। 4 देशो से इमा’म फ्रांस भेजे जाते थे लेकिन 2020 के बाद ये समझौता ख’त्म हो जाएगा।

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