निशत फा’ति’मा लेने पहुँची थी Gold Medal, लेकिन बु’र्का पहनने पर कॉ’लेज ने न’हीं दी डि’ग्री , यू’ज’र्स कर रहे है फा’ति’मा की तारीफ़

मु’स्लि’म समाज मे हर लड़की को बु’र्का प’ह’न’ना जा’य’ज बताया हैं। दुनिया भर की मु’स्लि’म ल’ड़’कि’या बु’र्का पहनती है क्योंकि उन्हें प’र्दे में रहना अ’च्छा ल’ग”ता हैं। आज हम आपको एक मु’स्लि’म लड़की के बारे में बताएगे जिसनें बु’र्का प’ह’न ‘न’ना मं’जू’र किया लेकिन डि’ग्री ठु’क’रा दी। इस लड़की का नाम है निशत फा’ति’मा है , जिसे कॉलेज ने बु’र्का प’ह’न’ने के का’रण उन्हें डि’ग्री न’हीं दी है ।

रांची के मा’र’वा’ड़ कॉ’लेज की ग्रे’जु’ए’शन से’रे’म’नी में डि’ग्री आ’ल ओ’वर ऑ’ल बे’स्ट ग्रे’जु’ए’ट नि’श’त फा’ति’मा डि’ग्री न”ही ले स’कीं। क्योंकि कॉ’ले’ज की तरफ से उनको म’ना कर दि’या ग’या। बता दे , निशत ने बु’र्का प’ह’ना हुआ था । कॉलेज का कहना है उसके कपड़ो से उसकी पहचान न’ही होती है। उसके च’रि’त्र से होती है। जो लड़का या फिर लड़की पढ़ती है तो उसके स्व’भा’व, बो’ल”चा’ल की भा’षा ब’दल जाती है।

एक ग्रे’जु’ए’ट इं’सा’न बनना उसके च’रि’त्र की नि’शा’नी हैं। हर कॉ’लेज और यू’निव’ र्सिटी की ड्रे’स होती हैं। जिस में विद्या’र्थियों को ड्रे’स पहनना ‘ज’रू’री होता हैं। पिछले कई दिनों से कॉ’ले’जों में ड्रे’स को लेकर ग’ह’मा’ग’ह’मी म’ची हुई हैं। कई कॉलेज में क”प’ड़ो को लेकर अ’जी’बो’ग’री’ब नि’य’म बनाए जा रहे है। जहाँ हैदराबाद के ग’र्ल्स कॉ’ले’ज ने ल’ड़’कि’यों को सू’ट प’ह’न’ने पर फ’र’मा’न सुना दिया है। फा’ति”मा कॉ’लेज के डि’ग्री स’मा’रो”ह में बु’र्का प’ह”न”क’र आई थी ।

फा’ति’मा को कार्यक्रम में डि’ग्री लेने से रो’क दिया गया। नि’श”त ने सत्र 2011 -14 में मा’र’वा’ड़ी कॉलेज से ग्रे’जु’ए’श’न की थी। नि’शत को न’ही मालूम था की बु’र्का प’ह”न”क’र डि’ग्री लेने आना इतना त”क’ली’फ’दे’ह होगा। नि”श”त ने ग्रेजु”एश”न में बी’ए’स”सी गठित ओ’नर्स में 93 फी’स’दी अं’क हा’सि’ल किए थे। उन्हें कॉ’ले’ज में सभी विषयों में उसे सबसे अधिक अंक मिले थे। बता दे , निशत कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बु’र्का प’ह”न कर आई थी। समारोह में गो’ल्ड मे’ड”ल के लिए उसका नाम पु’का’रा गया। उसे सबसे पहले मे’ड’ल ले’ना था।

वही नाम बुलाने के साथ ही मंच से घोषणा कर दी गई कि वह कॉ’लेज द्वारा तय ड्रे’स को’ड में न’ही हैं। इस व’ज’ह से उसे स’मा’रो’ह में डि’ग्री न’ही दी जा’एगी। इसके बाद वो मं’च पर न’ही चढ़ी। जिसके बाद दू’स’रे टॉ’प’र्स को मे’ड’ल और डि’ग्री देने की प्र’क्रिया शुरू कर दी गई। ड्रे’स को’ड त’य होने के बाबजूद बु’र्क़े में आने पर नि’शत फा’ति”मा के पिताजी मोहम्मद इ’क”रा’मु”ल ह’क ने कहा कि हमारी प’रं’प’रा में शामिल है। हमारे मु’स्लि’म स’मा’ज मे बु’र्का प’ह’ना जा’ता है।

बता दे , टॉ’प’र्स को राज्यपाल द्रौ’प’दी मु’र’मू और रां’ची वि’वि के कु’ल’प’ति डॉ’क्ट”’र र’मे’श कु’मार पां’डेय ने डिग्री प्रदान की। ग्रे’जुए’शन से’रे’म’नी को लेकर कॉ’लेज की ओर से ड्रे’स को’ड तय था। जिसमे छात्र को स’फे’द रं’ग का कु’र्ता पा’य’जा’मा और छा’त्रा’ओं को स’ल”वा”र सू’ट और दु’प’ट्टा या फिर सा’ड़ी ब्ला’उ’ज में आना था। इसके लिए कॉ’ले’ज ने पहले ही नो’टि’स जा’री कर दिया गया था। बता दे , यह खबर तेजी से वा’य’र’ल हो रही है ।

कुछ ट्वि”ट’र , फे’स”बु’क यू’ज”र्स सीधे तौर पर कॉ’ले”ज को जिम्मे’दार ठ’ह’रा”ने पर तु’ले है ,तो वही दूसरी ओर कॉलेज प्रशासन की ओर से स’फा’ई दी गई । फा’ति’मा और उनके पिता की सो’श’ल मी’डि”या यू’ज’र ज’म’क’र ता’री’फ भी कर रहे है । आपको सबसे खा’स बात बता दे कि फा’ति’मा का कॉ’ले’ज से घर 350 किलोमीटर दूर है । वह कॉलेज की गो’ल्ड मे’ड’लि’स्ट भी है । लेकिन उनको डि’ग्री न’हीं मिलने पर सो’श’ल मी’डि”या यू”ज’र दु’ख का इ’ज़’हा’र’ भी कर रहे है ।

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