गुजरात हाईकोर्ट ने कहा- लोगों को उनकी पसंद का खाने से कैसे रोक सकते हैं?

अहमदाबाद नगर निगम ने अगले महीने की 15 नवंबर को सड़को के किनारे नॉ’नवेज की बि’क्री पर बै’न’ लगा दिया था। निग’म के इस फै’सले को हा’ई’कोर्ट ने चुनोती दी गई थी। बीते दिनों 9 दिसम्बर को गुजरात हाईकोर्ट ने याचिका दायर करके सुनवाई की।

कोर्ट ने अहमदाबाद नगर नि’गम को फ’ट’का’र लगाई है। उन्होंने कहा कि आप लोगो को उनकी प’सन्द की चीजें खा’ने से कैसे रोक सकते है।लाइव लॉ की खबर के मुताबिक जस्टि’स बि’रीन वै’ष्णव की बें’च ने कहा कि आपको नॉनवे’ज खा’ना प’संद नही है। यह आ’पकी म’र्जी है।

gujarat high court non veg stalls

आय यह कैसे तय कर सकते है कि लोगो को बाहर क्या खा’ना चहिए। अह’मदाबाद को’र्ट के स्ट्री’ट बेंड’र्स की और से दा’यर एक याचि’का सुनवा’ई कर रहा था। स्ट्री’ट वें’ड’र्स अधि’निय’म 2014 और इसके तहत बनाए गए नि’य’मों को लागू नही करने को लेकर चुनोती दी गई है।

इनमे या’चि’का दा’यर करने वाले वह लोग है जो अ’ड़े का स्टो’ल लगाते है तो कुछ नॉनवे’ज और सी फू’ड बेचकर अपनी आ’जी’वि’का च’ला’ते है। याचिका में कहा गया है कि उ’चित प्र’किर्या का पालन किए बिना ही उनके ठेले, खा’ना ब’नाने का सा’मान और अन्य क’च्चा मा’ल ज’ब्त किया गया है।

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याचि’का में इस बात को क’हा गया है कि जब तक कोई दूसरे व्य’क्ति के अधि’का’र का उ’ल्लं’घन नही करता कब तक भू’मि के का’नुन का उ’ल्लं’घ’न नही करता है। तब तक वह कुछ भी बेचने के लिए स्व’त्रंत है।

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