हज़ प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने वाला पहला देश बना भारत, मिनटों में होगी प्रक्रिया पूरी

सऊदी अरब में मक्का और मदीना मुस्लिम समुदाय का पवित्र स्थल है। दुनियाभर से लाखों लोग यहां हज और उमराह करने के लिए जाते है। इस्लाम मे हज करने का अरकान है। जिसे एक बार करना फ़राएज़ है। जिसके पास जिम्मेदारियां पूरी हो चुकी हो ,मालदार हो तो उस शख्श को जिंदगी में एक बार अपने जीवन में हज फर्ज़ है। हर साल भारत से भी लाखों मुस्लिम हज के लिये जाते है।

अब भारत के लिए एक बड़ी खबर आई है । भारत हज की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल करने वाला दुनिया मे पहला देश बन गया है। इसके साथ ही ई मसीहा की मदद से हज यात्री की सेहत की पूरी जानकारी अब ऑनलाइन मिल जाएगी। डी डब्ल्यू हिंदी पर छपी खबर के अनुसार , केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास ने कहा है कि 2020 में जाने वाले हझ यात्रियों के लिए आवेदन से लेकर मक्का मदीना में ठहरने और मेडिकल सुविधा की सभी प्रकिया 100% ऑनलाइन हो गई है।

डिजिटल प्रकिर्या के तहत ऑनलाइन आवेदन, ई वीजा, मोबाइल एप, ई मसीहा, मक्का मदीना में ठहरने के इंतजाम और वहां के यातायात की जानकारी को जोड़ा गया है। आपको बता दे कि हज के लिए आवेदन 5 दिसम्बर को लास्ट तारीख है। एक रिपोर्ट के मुताबिक बताया गया है कि जम्मू कश्मीर से 15 हजार आवेदन हज के लिए हुए है। भारत से करीब 2020 में 2 लाख हज करने के लिए जाएंगे। भारत सरकार ने सऊदी अरब सरकार के साथ जो समझौते किए है।

उनमें है ई मसीहा । स्वास्थ्य सुविधा। इस सुविधा के तहत सब यात्री के स्वास्थ्य से जुड़ी हर छोटी से छोटी जानकारी इसमें उपलब्ध होगी। आपातकाल में इस एप के जरिये यात्री का मेडिकल इतिहास तुरत ही जांचा जा सकेगा। उसको मेडिकल सुविधा दी जा सकेगी।इसके अलावा मुख्तार अब्बास ने हज यात्रियों के सिम कार्ड को हज मोबाइल एप से लिंक करने की भी व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा इस साल हज यात्रियों को मदद के लिए 100 टेलीफोन लाइनों का सूचना केंद्र हज हाउस, मुंबई में शुरू किया जाएगा। साल 2018 मे केंद्र सरकार ने हज पर दी जाने वाली सब्सिडी को खत्म कर दिया है। सरकार की दलील थी कि सब्सिडी सिर्फ तुस्टीकरण के लिए दी जा रही थी।

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