ह’रा’म खाने वालों को Allah ज्यादा दौल’त दे’ता है ? Moulana ने फ़रमाया कि- Quran में

इंसा’न के पास पैसे की जरूरत है। चाहे वो कही से भी आए। और कही का भी पैसा हो। आज इस बात की चिं’ता किसी को भी नही है कि जिस काम को हमारे न’बी स’ल्ला’हु अ’लै’हि व’स’ल्ल’म और अ’ल्ला’ह ने म’ना फ़”र’मा’या है । उसको म’त करो। लेकिन न’हीं , आज कोई मानने को तैयार न’हीं। आज ये काम उ’ल्टे हो रहे है। ब्या’ज से पैसे देना, जु’आं खेलना आदि । आज हम आपको ह’राम और ह’ला’ल के बारे में बताएंगे। आज लोगों ने ह’रा’म और ह’ला’ल की कोई फिक्र न’हीं कर रहे है।

मौ’ला’ना ने बताया कि अ’ल्ला’ह ह’रा’म खा’ने वालों को ज्या’दा दौ’लत दे’ता हैं। अ’ल्ला’ह पा’क ने ‘कु’रा’न में इरशाद फ़रमाया की देखो ह’ला’ल और ह’रा’म ब’रा’बर न’ही है। ह’ला’ल में आपको क’म मि’लेगा और ह’रा’म ज्या’दा होता हैं। तुमको ह’रा’म ज्यादा अ’च्छा लगेगा । इस आयत में अ’ल्ला’ह पा’क ने फ’र’मा’या की ह’ला’ल थो’ड़ा ही रहेगा और ह’रा’म ज्या’दा ही रहेगा। मौ’ला’ना अपने बयान में कहते है कि शै’ता’न हमें बह’क’ता रहेगा की देखो ह’रा’म में ऐ’शो आ’रा’म है।

कितनी सु’कून की जिंद’गी है लेकिन हमें अपने आप को बचाने की जरूरत है। अ’ल्ला’ह पा’क ने फ’र’मा’या की ह’ला’ल खा’ना है ,ह’रा’म न’ही खा’ना है। लेकिन ह’रा’म में कभी भी सु’कू’न न’ही मिलेगा। जबकि ह’ला’ल में ही आपको सु’कू’न मि’ले’गा। मौ’ला’ना ने फरमाया की ऐ लोगो प्या’रे न’बी’ की सी’र’त पढ़ो और उस पर अमल करो । क्योंकि हमारे न’बी ने इसमें बताया है कि लोगो को किस तरह से खाना है। कैसे कमाना है। अ’ल्ला’ह के न’बी ने हमें कौनसी चीज को कब खाना है ये भी बताया हैं।

जैसे गो’श्त के साथ में और म’छली’ के साथ मे दू’ध नही पीना चाहिए। हमारे न’बी ने कभी भी नही खाई। हमारे न’बी ने कभी भी छ’ने हुए आ’टा का इस्तेमाल न’ही किया। अ’ल्ला’ह के न’बी ने हमे ता’ली’म दी है कि कौं’न सी चीज को कब औऱ कैसे खाना चाहिए। खाने से लेकर सोने तक हमे इ’स्ला’म ने बताया है कि जिंदगी में ये सब तरीको को इस्तेमाल में लाना चाहिए। आपको बता दे कि कु’रा’न श’री’फ में ह’रा’म खा’ने वालों के लिए स’जा बताई गई हैं।

अगर किसी शख्स ने ह’रा’म खाया तो उसकी 40 दिन तक कोई दु’आ कु’बू’ल नही होती हैं। लेकिन आज हमारे मु’आ’श’रे के लोग ये नही जानते कि उनके साथ क्या होगा? उनको इस बात को जानते हुए भी ब्या’ज, जु’आं और त’स्क’री जैसे काम आज आम हो रहे हैं। ब्या’ज देने वालो की तादाद दिन पर दिन ब’ढ़ रही हैं। गली गली’ में जु’आं खेले जा रहे है, जिसकी कोई ह’द न’ही हैं। जिन चीज को अ’ल्ला’ह ने ‘ह’रा’म बताया है। आज वो ज्यादा हो रहा हैं। या अ’ल्ला’ह हम सब को सि’रा’ता’ल’ मु’स्त’ क़ी’म पर चलने की तौ’फ़ीक़ अता फरमा।

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