अ’योध्या : मु’स्लिम पक्षकार इक़बाल अंसारी का बड़ा बयान – फैसला जो भी आए सुप्रीम कोर्ट में ….

CJI रंजन गोगई की अगुवाई में पांच जजों की बेंच ने बा’ब’री म’स्जि’द मा’म’ले को सुर’क्षि’त रखा है । इस मामले की 40 दिन तक सुनवाई करने के बाद सभी द’ली’लें पूरी कर ली गई । सु’प्री’म कोर्ट न’वं’बर में इस वि’वा’द का फै’स’ला सुनाएगा। ‘सु’प्री’म को’र्ट में चल रही बा’ब’री म’स्जि’द की सुनवाई अपने अं’ति’म च’र”ण में पहुँ’च गई है। सु’प्री’म को’र्ट में इस के’स की सु’न”वाई के 38 वा दिन है मु’स्लि’म प”क्ष की तरफ से एक स’वा’ल वा”य’र”ल हो ग’या था ।

सु’न’वाई के दौरान ही मु’स्लि’म प”क्ष की तरफ से उनके वकील राजीव धवन ने अपनी द’ली’लें रखी है। 39 वें दिन हि’न्दू ध’र्म की तरफ से सु’प्री’म को’र्ट में द’ली’लें रखी गई थी । 38 वे दिन मु’स्लि’म व’की’ल ने कहा कि उनसे अ’दा’ल’त ने सभी सवाल मु’स्लि’म प’क्ष से ही किए गए है। जबकि हि’न्दू ध’र्म से एक भी सवाल नही किया गया है। वकिल ने कहा कि जो सवाल उनसे किए गए थे, उनको इतना स’म”य न’ही था।

जो समय सीमा रहती है, वो ही जितना समय था। अ’यो’ध्या केस में 17 अक्टूबर तक सु’न’वा”ई पूरी हो जाएगी। वही न’वंबर तक अयो’ध्या के”स में फैसला आने की उम्मीद जताई जा रही है। अभी तो अ’यो’ध्या’ में 10 दिसम्बर तक धारा 144 ला’गू की गई है । रा’जी’व ध’व’न ने कहा कि इस बात के कोई सबूत नही दिए गए कि कें’द्री’य गु’म्बद के नी’चे ही रा’म का जन्म हुआ था।

उन्होंने कहा कि वहां पर न’मा’ज होती रही हैं। रा’जी’व ध’व”न ने मु’स्लि’म प’क्ष’का ‘रो की तरफ से कहा कि साल 1885 से 1889 के बीच हि’न्दू प’क्ष द्वारा कभी ज’मी ‘न पर दा’वा न’ही किया गया है। जबकि ब्रि’टि’श स’र’का’र म’स्जि’द को चला’ने में ख’र्च देती थी। उन्होंने कहा कि हिं’दु को सिर्फ भू’मि के उपयोग का अ’धि’कार था।

उन्हें पूर्वी दरवाजे से प्रवेश करने और पू’जा करने का अधि’का’र था। इससे ज्यादा और कुछ नही था। उन्होंने कोर्ट में कहा कि मु’स’ल’मा’नों का क’ब्जा कभी सन्दे’ह में न’ही था। मु’स्लि’म प’क्ष की मां’ग है कि अ’यो”ध्या को फिर से 5 दिसम्बर, 1992 जैसा बनाया जाए। जैसा कि बा’ब’री म’स्जि”द के वि’ध्वं’स के पहले था। हि’न्दू प’क्ष की तरफ से द’ली’लें रखी गई जो सभी पूरी कर ली गई। अब को’र्ट के फैसले का इंत;ज़ा’र है।

अ’यो’ध्या मामले के वादी इ’क़बा’ल अं’सा’री ने बा’ब’री म’स्जि’द ‘मु’क’द’में पर बोलते हुए कहा कि वह सु’प्री’म को’र्ट के फै’स’ले को स्वी’कार करेंगे और फै’सला जो भी आए वो फैसले को चु’नौ’ती न’हीं देंगे । और उसके ख़ि’ला’फ़ या’चि’का दा’य’र न’हीं करेंगे । आपको दे, इ’क़’बा’ल अं’सारी , हा’शि’म अंसारी के पिता है जो बा’ब’री म’स्जि’द मा’म’ले के सबसे पुराने मु’क़’द’मे बा’ज़ है।

इक़’बा’ल अं’सा’री का ये भी कहना है कि वो कुछ है कि इसका ता’र्कि’क नि’ष्क’र्ष पर प’हुँ’च रहा है । उन्होंने ये भी कहा कि पिछले 70 साल से सिर्फ रा’ज’नी”ति हुई है लेकिन अब फैस’ला आ’ने की उ’म्मी’द है । बता दे , उनके पि’ता हा’शि’म अं’सा’री की मृ’त्यु 2016 में 95 वर्ष की उम्र में हुई थी ।

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