कनाडा में इक़रा खालिद ने रचा इतिहास, लगातार दूसरी बार बनी सासंद

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो की लिबरल पार्टी एक बार सरकार बनाती हुई दिख रही है । हालांकि लिबरल पार्टी बहुत मत से 13 सीट दूर है लेकिन जगजीत सिंह की पार्टी को 24 सीट मिलने के साथ ही जस्टिन ट्रुडो की समस्या कम हो गई है । दोनों में गठबधंन होने के बाद एक बार फिर ट्रुडो पीएम की कुर्सी पर बैठते हुए दिखाई देंगे । बता दे, सिख नेता सरदार जगजीत सिंह कनाडा में किंगमेकर के रूप में उभरकर सामने आए है ।

जगजीत के पूर्वज पंजाब के बरनाला जिले के थिखरिवाल गांव के रहने वाले थे । इस गांव के लोग जगजीत सिंह से काफीखुश नजर आ रहे है । बता दे, कनाडा की संसद में 338 सीट है ।हाल ही में हुए चुनाव में जस्टिन ट्रुडो की पार्टी ने 157 सीट जीती है, जबकि भारतीय मूल के जगजीत सिंह की पार्टी ने 24 सीट जीतकर किंगमेकर बनते हुए दिखाई दे रहे है । इसके अलावा कनाडा की मुख्य विपक्षी पार्टी कंजेर्वेटिवेस को 121 सीट मिली है ।

मिसिसॉगा.कॉम के अनुसार नतीजे आने के बाद सांसद इक़रा खालिद ने खुशी जाहिर की है । खालिद इक़रा मिसिसॉगा एरिन मिल्स से एक बार फिर से कनाडा की संसद में चुनी गई है । वह पाकिस्तानी मूल की लेकिन उनका परिवार 1993 में इंग्लैंड आ गया था म उन्होंने इंग्लैंड से ही पीएचडी की । 1998 में उनकी फैमिली कनाडा आ गई । वह इससे पहले 2014 में लिबरल पार्टी से सांसद बने थी।

उन्होंने कंज़र्वेटिव पार्टी के सबसे सीनियर उम्मीदवार बॉब डेकार्ट को हराया था । 2019 में इक़रा ने एक फिर कमाल किया है । ईक़रा खालिद प्रधानमंत्री की पार्टी लिबरल से उम्मीदवार थी , उन्हें 50 फीसद से अधिक वोट मिले है । जबकि कंज़र्वेटिव पार्टी के उम्मीदवार हनी तवाफिलिस को इक़रा खालिद के मुकाबले 17 फीसद वोट कम मिले है । यानी हनी को 33 फीसद वोट से ही संतुष्ट होने पड़ा है ।

इक़रा ने जीत के बाद कहा कि उन्होंने हमेशा से ही मिसिसॉगा के लोगों के हितों के बारे में सोचा है । उन्होंने ये भी कहा कि मिसिसॉगा के लोगो द्वारा दिया गया उनको ये बहुमत उनके विकास के कार्यों को दिखाता है । इक़रा ने आगे मिसिसॉगा में आगे और निवेश करने की बात भी कही यानी उन्होंने खुलकर कहा कि वो इस शहर का और अधिक विकास कराने के लिए ततपर है।

बता दे, इक़रा खालिद ने अपने चुनावी अभियान में खसखस मुद्दे पर काफ़ी जोर दिया था म इस वजह से उनकी काफी तीखी आलोचना भी हुई थी । वह सबसे विवादित सांसदों में भी गिनी जाती है । उन्हें 2018 में निलंबन का भी सामना करना पड़ा था । मिसिसॉगा में तीसरे स्थान पर सलमान तारिक़ रहे है । वह मिसीसोना एरिना मिल्स में नामांकित होने वाले सबसे आखिरी उम्मीदवारों में से एक है ।

आपको बता दे, जगजीत सिंह को ट्रुडो की पार्टी लिबरल के काफी नजदीक माना जाता है । गुरमीत सिंह का इस ट्रुडो के अल्पमत सरकार पर एक बयान भी आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि ट्रुडो को अब समझना चाहिए कि उनकी सरकार अल्पमत है और अब साथ काम करने का समय है ।बता दे, गुरमीत सिंह और ट्रुडो पहले भी गठबंधन में साथ काम कर चुके है ।पिछली बार के मुकाबले इस बार ट्रुडो की पार्टी लिबरल को 20 सीट कम मिली है ।

उन्होंने कम समय मे ही जबरदस्त वोट हासिल किए । वही ग्रीन पार्टी पार्टी के उम्मीदवार रेमो बोस्कारिना इस चुनाव में पहली बार उम्मीदवार होने के साथ साथ पहली बार वोट भी दिया । उन्होंने कहा कि उनका पहला ध्यान युवा वोटरों की तरफ़ था,जो पूरी तरह से कन्वर्ट नहीं हो पाया। उन्होंने इस चुनाव में क्लाइमेट चेंज के बारे में प्रमुखता से अपनी बात रखी ।

Leave a Comment