जलीला हैदर: अपने लोगों के लिए ‘आयरन लेडी ऑफ बलूचिस्तान’ तो अमेरिका के लिए ‘इंटरनेशनल वूमन ऑफ करेज’

इस दुनिया मे जब जब अंतराष्ट्रीय दिवस के मौके पर दुनियाभर में महिलाओं कोसम्मान दिया जाता है। ऐसे ही एक महिला जिनका नाम जलीला हैदर है वह भी महिलाओं के लिए मिसाल है।इस धरती की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक क्वेटा, पा’किस्तान में 10 दिसम्बर1988 में जलीला में को पैदा हुई।

वह जिस समुड़य से आती है उस समुदाय में पा’किस्तान में दोयम दर्जे के नागरिक सा सलूक भी किया जाता है। ऐसे माहौल में जलीला हैदर ने ब’लूचि’स्तान यूनि’वर्सिटी तक का सफर कितना बहुत मु’श्कि’ल रहा उन्हें ना केवल बहुसंख्यक समुदाय के भे’द’भाव और उसकी हिकारत का सा’मना करना पड़ा।

बल्कि खुद अपने तबके इए रू’ढ़ि’वादी और फ’ब्तियों झेलनी पड़ी। बलू’चिस्तान यूनि’वर्सिटी से अंत’राष्ट्रीय सम्बन्धो में मास्टर्स की डिग्री लेने वाली जलीला ने छोटी उम्र में ही वकील बनने का सपना देखा था ।13 फरवरी 2013 को हुए हाजरा टाउन विस्फोट ने जली’ला को बहुत ही ज्यादा आहत किया।

हाजरा समुदा य को नि’शाना बनाने के इरादे से क्वेटा के सब्जी बाजार में एक टैंक भरी मात्रा में वि’स्फो’ट हुए। वह बहुत ही ज्यादा सह’म गई।इसी तरह हजारा समुदा य की पहली महिला वकील के तौर पर पाकि’स्तान के इति’हास में दर्ज हो गया। वह अब पहचान पत्र से के लेकर दी’गर सर’कारी दस्ता’वेज हासिल करने के लिए भी वह अल्पसंख्यक को प्रेरित करने लगी है।

इसी तरह साल 2019 में उन्हें बीबीसी दुनियाभर की 100 प्रभावशाली स्त्रियों में शुमार किया जाता है। अमरीका विदेश मंत्रालय ने उन्हें साल 2020 में इंटरनेशनल वुमन ऑफ क्वेरैक से नवाजा गया है। अब तो सारे लोग उन्हें आयरम लेडी ऑफ बलूचिस्तान कहते है।

Leave a Comment