केरल विधानसभा में ना’गरिकता सं’शोधन का’नून को वापस लेने की मांग वाला प्रस्ताव हुआ पारित, मुख्यमंत्री विजयन ने कही ये बात

ना’गरि’कता सं’शो’धन का’नू’न से सम्बंधित देश वि’देश से लगातार इस के वि’रो’ध में खबर सुनने को मिल रही है । तो वही स’र’कार भी इस बिल के स’म’र्थन में ट्विटर कैम्पेन चलाया है । बता दे, सरकार ने सीएए के स’मर्थ’न में लोगों के बीच जाने का फैसला किया है । पीएम ने इसके लिए ट्विटर कैम्पेन भी चलाया है । बता दे, कई राज्य जिनमें केरल, पश्चिम बंगाल, एमपी , पंजाब, राजस्थान सहित कई राज्यों ने इस का’नू’न को लागू नही करने को पहले ही मना कर चुके है ।

अब सीएए पर केरल से बड़ी खबर सामने आ रही है । सीएए के खि’लाफ केरल की राज्य सरकार ने विधानसभा प्रस्ताव पेश किया हैं। मुख्यमंत्री पिन राई विजयन ने मंगलवार को CAA के खि’ला’फ प्रस्ताव पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा केरल में धर्म’नि’रपे’क्षता यूनानियों, रोमन, अरबो का एक लंबा इतिहास है, हर कोई हमारी भूमि पर पहुँच गया।

ईसाई और मु’सल”मान केरल पहुंच गए है। हमारी परम्परा स’मावेशी है । उन्होंने आगे कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि केरल में कोई डि’टेंशन सें’टर नही बनेगा। इस प्रस्ताव के सी’पीआईएम के विधायक जेम्स मैथ्यू, का’ग्रेस विधायक वीडी सतीशन ने कहा CAA और NRC एक ही सिक्के के दो पहलू है।

हालांकि , केरल में बीजेपी विधायक ओ राजगोपाल ने प्रस्ताव का वि’रोध किया। उन्होंने कहा कि रा’जनीति की सं”कीर्ण मा’नसिकता का प्रतीक है। इससे पहले नागरिकता कानून को लेकर कई गैर भाजपा शासित राज्यो के विरो’ध के बीच केंद्र ने कहा कि राज्यो को कानून लागू करना होगा। क्योंकि संसद ने इसे मंजूरी दी हैं।

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