हिंदुओ के शमशान में मुस्लिम महिला कर रही काम, आलोचनाओं के बाद अड़ी है अपने फैसले पर, जानिए

को’रो’ना आ’प’दा में मा’नव’ता और भा’इचारे की मि’साल भी सामने आ रही है। हि’न्दू ओर मुस’लमा’नो का भे’द तो’ड़क’र लोग एक दू’सरे की मदद करने के लिए आगे आ रहे है। के’रल में भी एक ऐसी ही मिसा’ल देखने। को मिली है। केरल की रहने वाली एक muslim महि’ला सुबि’ना रहमान इन दिनों ऐसा काम कर रही है जिससे लोग हि’चकि’चाते भी है।

वह केरल के त्रि’शुर जिले में स्थित इरिं’गलककुड़ा में एक हि’न्दू श्म’सान में श’वो का दा’ह सं’स्का’र का काम कर रही है। ऐसे तो सुबिना रहमान कॉमर्स ग्रेजुएट ह। परि’वार में पति के अलावा उनके 8 साल का एक बेटा भी है। बे’रोज’गारी के इस दौर मेसुबिन को एक नॉकरी की भी तलाश थी। इस बीच उनको इस बात का ‘पता चला कि

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‘केरल में स्थानी’य समुदा’य एझा’वा द्वारा नि’यं’त्रित श्म’शा’न में एक क्ल’र्क की भी जगह खाली है। सुबि’ना ने इसके लिए अप्ला’ई भी किया। उन्हें हर दिन की ग’तिवि’धियां को रजिस्टर के दर्ज करना होता है।दह हुए शवो की सँख्या , उनका नाम और पता वगेरह लिखनपडता है। हालांकि सुबिना इस काम को

करती करती बोर भी हो गई औऱ उन्हीने दा’ह सं’स्का’र में अपना हा’थ भी आजमाया है। शायद वह ऐसा करने वाली पहली मुस्लि’म महिला है। उनके इस काम की वजहसे समा’ज के लोगों ने उनकी काफी आ’लोच’नाएं भी की है लेकिन वो अपने काम मे डटी हुई है।

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सुबिना को इस काम मे उनके प’तिrahman साथ मिला है। सुबिना का कहना है कि को’रो’ना की पहलीं लहर में एक या दो बॉ’डी आती थी लेकिन को’रो’ना की दूसरी ल’हर से यह बढ़कर 8 से 9 रोजाना हो गई है। अब वो पूरे 14 घण्टे इसी काम मे लगे रहते है।

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