खिलाफतें उस्मानिया की राह पर चल पड़े एर्दोगन, तुर्की की मस्जिदें बनी जरुरतमंदो के लिए सुपरमार्किट

आपने ख़ि’लाफ़ते उस्मा’निया के किस्से सुने होंगे जिसमें उनके अ’दल व इंसा’फ के कारण दुनिया उन्हें सलाम करती है और आज भी स्पेन जैसे कई मूलको में उनके द्वा’रा लागू किए गए का’नू’न को फॉ’लो किया जाता है । आज भी उस्मानिया सल्तनत का नाम सुनकर दिल में एक अजीब से बेचै’नी आ जाती है ।आज ख़ि’ला’फ़ते उस्मा’निया से प्रभ’वित होकर तु’र्की में ओटोमन एम्पा’यर की राह पर चल पड़ा है।

बता दे, तु’र्की जिस तरह पूर्व में पूरे दुनिया के गरी’ब लोगों, ग’रीब देशों की मदद करता था आज भी वो ऐसा करने की कोशिश करने में लगा हुआ है । उस्मा’नि’या खिला’फत में जरूर’तमंद लोगों को सम्मा’नजनक तरीके से लोग पैसे के साथ जरूरत का सभी सामान दिया जाता था।तु’र्की के म’स्जिदों में अब ज’रूरत’मंद की जरूरतों को पूरा करने के लिए सुपर’मार्केट का रूप दे दिया गया है।

म’स्जि’द के जिन हिस्से में जुते रखे जाते थे अब वहां पर पास्ता के पैकेट्स, तेल की बोतलें, बिस्कुट और अन्य चीजें रखी जा रही है। तुर्की की मस्जिद की फ़ोटो सो’शल मी”डिया में।वा’यरल हो रही है। यह खाने का सामान को’रो’ना की वजह से प्र’भ’वित हुए लोगो की जरू’रत के लिए है।तु’र्की मीड’या के मुताबिक, मस्जि’द के बाहर लगा एक पोस्टर नजर आता है जो इस बात को बताता है कि यहां कोई अपनी बात रखना चाहता है वो रख सकता है।

उसके साथ ही पोस्टर में लिखा है कि जरूरत’मंद जरूरत की चीजें ले जा सकते है । बगैर किसी की अनुमति के। इस तरह लोगो के मदद करने का विचार तुर्की की राजधानी इस्ता’म्बु’ल क्षेत्र सीरियर में एक मस्जिद के 33 वर्षीय इमाम समद को तब आया तब तु’र्की ने वाय’रस के प्र’सार को रोकने के लिए ज’मात से हुई न’मा’ज पर पबं’दी लगा दी।

इमाम का कहना है कि ज’मा’त से नमा’ज पर रो’क लगने के बाद मुझे अमीर लोगो को एकत्रित करके जरूर’तमंदों की मदद करने का विचार आया जिसके बाद म’स्जि’दों में सा’मना के ढेर लग गए। जहाँ पर जूते रखे जाते थे हमने सा’मानों को वहां पर रख दिया । यह काम उन्होंने खिला’फत उ’स्मा’निया के प्र’भवि’त होकर किया।इस सम्बंध में ‘मस्जि’द में एक प’र्ची चिपका दी गई है। जहाँ लोग अपना नाम और मो’बाइल नम्बर लिख के जाते है ।

उस सुची को स्था’नीय प्रशास’न के पास भेज दिया जाता है। जो इस बात की जांच करते है कि क्या वो लोग वास्तव में जरू’रतमंद है। इन सबकी जांच होने के बाद लोगो को स’न्देश भेजा जाता है कि वो मस्जि’द आकर अपनी आवश्यकतानुसार वस्तुओं को ले जा सकते है।म’स्जि’द में यह काम 2 हफ़्तों से चल रहा है। इसके अलावा भी रो’जाना मदद की जाती है।

म’स्जिद में दान पैसे को न’ही लिया जाता है बल्कि इस पेसो को ज’रूर’तमंद को देने के लिए कहा जाता है। तु’र्की में को’रो’ना की वजह से अब तक 1 लाख लोगों से अधिक लोग प्रभा’वित हुए है वही म’रने वालों की संख्या 3 हजार से ऊपर है।

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