ना’गरिकता का’नून पर भारतीय मु’स्लिमों को मिला सबसे ता’कतवर मु’स्लिम देश का साथ, कहा – भे’दभा’वपूर्ण है ये …

देश मे नागरिकता का’नून को लेकर वि’रोध प्र’दर्शन देखने को मिल रहा है । कई टीवी रिपोटर्स के मुताबिक ना’गरि’कता का’नून की आंच विदेश में भी पहुँच गई है । देश के विभिन्न यू’नि’व’र्सि’टी में इसको लेकर प्र’द’र्शन हुए थे । यह विदेश की कई यू’नि’व’र्सि’टी में भी देखने को मिला था । मु’स्लि’म दे’शों के अन्तराष्ट्रीय संगठन OIC ने भी ना’ग’रि’क’ता का’नू’न को लेकर बयान जारी किया था । उन्होंने कहा था कि वह भारत के नए का’नू’न से होने वाले प्र’भा’व पर नजर ग’ड़ा’ए हुए है ।

बता दे, OIC में 59 मु’स्लि’म देश है । अरब मीडिया की माने तो इसकी मीटिंग दुबारा जल्द ही हो सकती है। कुवैती सांसदों की मांग है कि भारतीय मु’स’ल’मा’नों की मदद के लिए हस्त’क्षे’प किया है । 27 सांसदों के एक समूह ने एक बयान पर हस्ताक्षर किए है। जिसमे उन्होंने मुसलमानों के चीन के व्यवस्थित अभियान के खिलाफ एकजुटता को रेखां ‘कित किया। ची’न पर तुर्क मु’स्लि’म समूह के खि’ला’फ द’मन’का’री नी’तियों को अंजाम देने ।

और उसके धार्मिक, वाणिज्यिक , सांस्क्रतिक अधिकारों को प्र’ति”बं”धित करने का आरोप हैं। ह्यूमन राइट्स वॉच ने सितंबर की एक रिपोर्ट में बीजिंग के शिनजियांग में उइगर मु’स्लिमो के खि’लाफ “मानव अ’धिकारों के उ’ल्लं’घन के व्यवस्थित अभियान” को अंजाम देने का आ’रो’प हैं। इसी बीच,कुवैती सांसदों ने भारत में मु’स’ल’मा’नों के ख़िलाफ़ हालिया प्र’ति’बन्धों पर चिं’ता व्यक्त की है।

भारत में अ’फ’गा’नि’स्तान, बांग्लादेश और पाकि’स्ता’न के हिं’दुओं, पारसियों, सिखों , बौद्ध, जैनियों और ईसाइयों को नागरि’कता देने के लिए एक नए का’नू’न के खि”ला’फ वि’रो’ध प्रदर्शन शुरू हो गए है। जिसमें मुस’लमानों को नागरिकता देने का प्रा’वधान नही हैं। कार्य’कर्ताओ ने का’नून को भे”दभा’वपूर्ण कहा है, इस ड’र से इसका उद्देश्य भार’तीय मुसल’मानों का अनादर करना हैं।

हालांकि, प्रधा’नमंत्री न’रेंद्र मो’दी ने इस तरह के दावों को खा’रिज कर दिया है। भारत के नाग’रिकता का’नून को लेकर बीते सप्ताह यूपी के कई जिलों में हिं’सा देखने को मिली थी, जिसमें कई लोगों के मृ’त्यु होने की ख’बरे मीडिया में आई थी । बता दे, NRC और CAA को लेकर भारत देश मे रैलियां निकाली जा रही हैं।

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