लॉकडाउन में याकूूब ने निभाई अमित से आखिरी सांस तक दोस्ती, याकूब की इंसानियत याद रखेगी दुुनिया

पूरे देश मे को’रोना को रोकने के लिए लोक डाउन जारी है। ऐसे में मजदूर वर्ग के लोगो को कई तरह की परेशा’नी का सामना करना पड़ रहा है। मजदूर वर्ग जो शहरों में था वो अब गाँवो की ओर पलायन करने लगा है । लेकिन कुछ लोग राजनीति की ख़ातिर ऐसे हालातो में भी कोई सब्जी बेचने वालों से न’फ’रत कर रहा है तो वही दूसरी ओर मु’स्लि’मो का इस देश के प्रति मो’हब्बत देखते ही बन रही है ।लोक डाउन के बीच हजारो प्रवासी म’जदूर कोई साधन न होने के चलते हुए पैदल ही अपनी मं’जिल तय कर रहे है।

कुछ लोग हादसों का शि’कार हो रहे है तो कोई मंजिल तक पहुँचने के लिए रास्ते मे ही द’म तो’ड़ रहे है। ऐसी कई घटनाएं अब तक सामने आ चुकी है ।एक ऐसी ही कहानी गुजरात से अपने घर के लिए निकले अ’मित और या’कूब की है। ये दोनों पैदल ही साथ निकले थे। लेकिन कुछ घण्टे लगातार पैदल चलने के बाद इनको ट्रक मिला उसमे ये लोग बैठ गए थे,ट्रक मिलने के कारण उन्होंने अपनी मंजिल पास दिखाई दे रही थी ।

लेकिन रास्ते मे ही अमि’त की त’बियत ख’राब हो गई। जिसके बाद ट्रक वाले ने अमित को ट्रक से उतार दिया । जब अमित को ट्र’क से उतारा तो ट्र’क का कोई साथी उंसके साथ ठहरने को तैयार नही हुआ, इसी बीच अमित के लिए याकू’ब म’सीहा बनके आया और वो नीचे उतरा और इन्सा’नियत को म’र’ने नहीदिया। ऐसे हालात में भी याकूब ने अपनी दोस्ती का फ’र्ज निभाते हुए अमित की सेवा करता रहा लेकिन बाद में अमि’त ने द’म तो’ड़ दिया।

इन दोनों की रास्तों की तस्वीर सोश’ल मीडि’या पर वायर’ल हो रही है। जिसमे याकूब अपने बी’मार दोस्त को अपने हाथों में लिए उसे हिम्मत दिला रहा है।याकूब और अमित दोनो माइग्रेट वर्कर थे। यह दोनो गुजरात से साथ निकले थे यूपी के लिए लेकिन अमित की शिव’पुरी में तबि’यत ख’रा’ब हो गई।

वही दूसरी तरफ अब ग्रह मंत्राल’य ने एक बार फिर सभी राज्यो को निर्देश दिए है कि राज्य की सरकारें प्रवासी मजदूरों का पैदल पलायन को रोके। ग्रह मंत्रा’लय ने कहा कि हमे मिल रही जान’कारी के मु’ता’बिक प्रवा’सी म’जदूर सड़’को और रेल की पटरियों पर अभी भी घरों को जा रहे है।ऐसे में सभी राज्यो को सलाह दी जाती है कि अगर कोई मजदूर ऐसी स्थिति में पाए जाते है तो उन्हें पै’दल घर वापसी के लिए रोका जाए और उनके लिए रहने और खाने पीने की व्यवस्था की जाए।

लोक डाउन की वजह से म’जदूर वर्ग समेत कई लोग फस गए है। लोक डाउन की वजह से अभी तक 50 से ज्यादा मजदूर रेल की पटरि’यों और स’ड़क हा’दसों की चपेट में आकर अपनी जान गवा चुके है।बीते दिनों ही उत्त’रप्रदेश के मुज’फ्फरनगर में एक दर्द’नाक स’ड़क हाद’से में बिहार के 6 मजदूरों की मौ’त हो गई है।

ये सभी लोग अलग अलग जगह के रहने वाले थे। इन लोगो को तेज स्पीड से आ रही बस ने कुचल दिया।ग्रह मंत्रा’लय ने कहा है कि रेल मंत्रालय रोजाना 100 से अधिक मज’दूरों के लिए ट्रे’नें चला रहा है और आवश्य’कता के अनु’सार औरट्रे’नों की व्य’वस्था करने के लिए भी तैयार है। इन सभी योज’नाओं के बारे में प्रवा’सी मज’दूरों को जा’गरूक करना बहुत जरूरी है।

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