फे’सबु’क ने माँगी मु’स्लि’मों से मा’फ़ी, जानिए क्या थी वजह …

यू तो दुनिया भर में रोज़ लाखों फे’क न्यू’ज़ शेयर होती है, वा’य’र’ल हो जाती है और लोग उन्हें स’च मान लेते है । कई बार खबर का स’त्या’प’न भी करना पड़ता है फे’क न्यू’ज़ को फै’ला’ने वालों को गिर’फ्त में भी होते है और श’र्म’सा’र भी होते है । आप और हम अक्सर देखते है कि प्र’ति’ष्ठि’त न्यू’ज़ चै’न’ल खब’र को ब्रे’किं’ग के च’क्कर मे कभी कभी फे’क न्यू”ज़ फ्लै’श कर देते है । न्यू’ज़ का स’त्याप’न करने वालो का मानना भी रहता है कि फे’क खबर से स’माज का वातावरण दूषित होता है, समाज का ही नु’क’सा’न होता है ।

आज हम आपको एक ऐसी ही खबर से रूबरू कराने जा रहे है जिसको पढ़कर आप आ’श्चर्य च’कि’त हो जायेगे । फेसबुक ने 2018 मे हुए मु’स्लि’म वि’रो’धी द’गों के लिए अपनी भूमि’का होने के लिए मांगी है । क्योकि एक जां’च में सामने आया है कि फे’स’बु’क पर मु’स्लि’म वि’रो’धी सा’म’ग्री से हिं’सा की ख’ब’रें सामने आई थी । आपको जानकारी के लिए बता दे कि, 2018 मे श्रीलंका मे मु’स्लि’म वि’रो’धी सो’शल मिडिया पर उठने के कारण दं’गे भ’ड’क उठे थे’

हालांकि स’रकार ने ‘फे’सबुक को ब्लाँ’क कर दिया था ओर आ’पा’त’का’ल लागु कर दिया था । जांच;क’र्मि’यो ने ये माना कि फे’सबुक पर मु’स्लि’म वि’रो’धी भ’ड’का’ऊ सा’म’ग्री से दं’गे भ’ड’क सकते है । बा’लुम’बर्ग कई दिये एक इंटरव्यु मे फे’सबुक ने कहा कि ” हमने अपने प्लेट’फार्म के दुरूपयोग को कण किया है ” , हम पह’चा’नते है ओर मा’फ़ी मां’ग’ते है ।

2018 की अशान्ति से 3 लोग मा’रे गये ओर 20 लोग घा’य’ल हो गये, इस दौरान म’स्जि’दों ओर मु’स्लि’म व्य’वसा’यों को ज’ला दिया गया । सलाह’का’रों ने यह भी सुझाव दिया की,फे’स’बुक ऐसी सामग्री को वा’पस ले’ने मे विफ’ल रहा था । जिस’के परिणा’म’स्वरूप घृ’णा ओर उ’त्पी’डन के अ’न्य रूप फै’ल गये थे । आ’र्टिक’ल वन की रिपोर्ट के अनुसार श्री’लंका मे फै’स’बुक के करीब 4.4 million उपयोगकर्ता है ।

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