UAE के फैसले से मस्जिद-अल-अक्सा के ईमाम ने जताई नाराजगी,बोले- “दुनियाभर के मुस्लिम हो एकजुट”

यूए’ई और इ’जराइ’ल ने अपने आपसी सम्ब’न्धो को पट’री ओर लाने के लिए एक अहम समझौता किया है। इस समझौते के पीछे सबसे ज्यादा अहम भूमिका निभाई है अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने। उन्होंने इन दोनों देश के बीच हुए समझौते को ऐति’हासि’क क’रार देते हुए शांति की और बडी सफलता बताया है।इसके साथ ही इजराइ’ल ने वेस्ट बेंक में अपने कब्जे वाले हिस्सो को वि’वा’दास्पद योज’नाओं को नि’लंबि’त करने पर भी स’हमति जाहिर की है।

इस समझौते को लेकर कई देश एसक विरोध कर रहे है।मस्जि’दे अल अ’क्सा जो ईसाई, यहू’दी और मुस्लि’म स’माज के लोग तीसरा पवित्र स्थल मानते है। अल अक्सा म’स्जिद के ग्रे’ड इ’माम ने बीते दिन ही यूएई के इस सौदे को एक हार के रूप में बताया है और वि’रो’ध का ना’रा दिया है।बता दे कि शेख इकरिमा साबरी में अल अक्सा’ म’स्जिद को 51वी वर्षगांठ पर तुर्की में स्थित अल अक्सा’ मि’नबार एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक आभा’री सम्मेलन में भाषण दिया है।

masjid al aqsa imam

उन्होंने अपनी भाषण में आगे कहा है कि हम अकेले ही नही बल्कि दुनिया के सच्चे मुस्लि’म देश अभी भी हमारे समर्थन में है। उन्होंने येरु’शलम और अल अक्सा मस्जिद के बारे में इस्ला’मी आ’ख्यान फै’ला’ने का भी आहान किया है।

कुवैत के अखबार अल कबास की रिपोर्ट के अनुसार, यूएई के सम’झौते के बाद कुवैत ने यूएई को एक बड़ा झ’ट’का दिया है और कहा है कि हम फि’लिस्ति’नी के साथ है और हमेशा ही रहेंगे। मिस्र और जॉर्डन का पहले एक एक समझौता हो गया था अब यूएई एक तीसरा अरब राज्य बन गया है।

वेस्ट बैं’क में बनाई गई यहूदी बस्तियों को लेकर इ’जराइल और फि’लिस्ति’नी के बीच वि’वा’द बना ही रहता है। इस क्षेत्र में करीब 30 लाख लोग निवास करते ह। फि’लि’स्तिनी अपने क’ब्जे वाले वे’स्ट बैंक, पूर्वी ये’रुशलम और गा’जा पट्टी को मिलाकर अपना एक देश बनाना चाहते है।

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फिलि’स्ति’नी सरकाए ने यूएई में अपने राजदू’त को भी वापस बुला लिया है। कुछ देशो ने इस समझौते पर खुशी जाहिर की है तो किसी देशो ने इस पर अस’ह’मति जाहिर की है। तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान ने इस समझौते पर नारा’ज’गी जाहिर करते हुए कहा है कि यूएई को कभी भी इति’हास मा’फ न’ही करेगा क्योको यूएई ने अपने हितों के लिए इस निर्णय को लिया है।

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