सब्जी बेचने वाले बेटी मुमताज़ : गरीबी में परवान चढ़ा देश के लिए खेलने का सपना, जूनियर महिला हॉकी टीम में हुआ चयन

क्रिकेट की दुनिया मे लड़कियों ने बाजी मारी है। हाल ही में मुमताज विश्व जूनियर महिला हॉकी कप में हिस्सा लेने के लिएदक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में पहुँची है। वह लखनऊ के एक साधारण परिवार सेआति है। कैंट इलाके में एक कमरे के मकान में मुमताज की 5 बहना

और एक छोटा भाई मातापिता के साथ रहती है। उनके पिता सब्जी बेचते है।आवाज दी वॉइस के मुताबिल बता दे कि मुमताज गरीबी के बीच पली बढ़ी है।अपनी कड़ी मेहनत की वजह से वह लखनऊ की शान बन गई है।आज मुमताज दुसरो के लिए रोल मॉडल है। उ के पिता का नाम हफीज है उन्होंने अपने

परिवार का पालन पोषण करने के लिए सँघर्ष किया है। परिवफ को चलाने के लिए उन्होंने रिक्शा भी चलाया है।मुमताज की बहन बताते है कि उनकर परिवार की स्थिति काफी जया खराब रही है। मुश्किल वक्त में उन्होंने 12 वी तक पढाई की। हालांकि वह हॉकी खेलने में अच्छी रही है।

मुमताज की एक और बहन रोही बताती है कि हमे बहुत गर्व है कि मुमताज देश के लिए खेल रही है। हम बचपन से ही उसे देखा करते थे और आज विश्वास नही हो रहा है कि वह विदेश में चली गई है। मुमताज ने बताया है कि टीम इंडिया के लिए खेलना मेरे पिता का सपना था।

उन्होंने आगे कहा है कि मै टूर्नामेंट में और बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।भारतीय महिला हॉकी टीम की फारवर्ड मुमताज खान ने कहा है कि उनका लक्ष्य सीनियर टीम के साथ ऐशियाई खेलो और ओलंपिक में पदक जीतने था।

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