नाहरू खान के अविष्कार से मंदिर में बजने लगी बिना हाथ लगाए घंटी, जानिए कौन है नाहरू खान

को’रो’ना वा’य’र’स के खि’ला’फ ल’ड़ा’ई में हर कोई मदद के लिए आगे आया ह। इस कड़ी में मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से ताल्लुक रखने वाले नाहरू खान ने बीते दिनों ही एक सेने’टाइ’जर मशीन बनाई थी। मंदसौर के रहने वलए 62 साल के नाहरू खान ने इस मशीन को जिला के इंदिरा गांधी अस्पताल में सहयोग के रूप में दिया है। नाहरू खान ने ये मशीन यूट्यूब से देखकर बनाई थी।

नाहरू खान ने एक बार फिर अपने समाज और स्वयं का नाम रोशन किया है। मंदसौर के पशु’पति’नाथ म’न्दि’र में पिछले दो महीनों से ब’न्द था। इस मंदिर में को’रो’ना सं’क’ट के बीच भी घण्टी बज रही है। नाहरू खान ने इस घण्टी को सेंसर सि’स्टम से बनाई है उन्होंने इसको मन्दिर में दा’न कर दिया है। बता दे कि देश मे 8 जून से सभी मन्दिर भी खोल दिए गए है , लेकिन मंदिरों की घण्टी को बजाने पर पा’बं’दी लगाई गई है।

pashupatinath mandir

बता दे कि डेढ़ फुट की दूरी पर ही हाथ दिखाने पर अपने आप ही ये घण्टी बजने लगती है। नाहरू खान बताते है कि जब एक साथ म’न्दि’र की घण्टी और म’स्जि’दों में अ’जा’न होगी तो हो सकता है कि ईश्वर हमे जल्दी ही को’रो’ना से मु’क्ति देगा। म’न्दि’र के पु’जारी ने कहा कि को’रो’ना के वजह से घण्टी छूने से सं’क्र’म’ण का ख’त’रा ओर ज्यादा बढ़ सकता है। हालांकि नाहरू भाई ने हमे सें’सर दा’न कर दिया है।

नाहरू खान आगे बताते है कि तीन दिन की मेहनत के बाद सेंसर वाली घण्टी बनकर तैयार हो गई है। म’न्दि’र में आए भ’क्तों ने कहा है कि इस तरह की घण्टी हर एक मं’दिर में होना चाहिए ताकि लोग सं’क्र’म’ण से बचे और म’न्दि’रो मे आ सके।

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नाहरू खान ने इसके अलावा भी से’ने”टा”इ’जर स्प्रे मशीन और हाथधोने की दो मशीन भी दा’न दी है। इसके साथ ही थर्मल स्क्रीनिंग के लिए भी जांच स्कैनर भी दिए है। हाथ धोने की मशीनों को इस तरह बनाया गया है कि यह पैरों से चलाईं भी जा सकती है।

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