मिलिए दुनिया के पाँच मुस्लिम वैज्ञानिकों से,जिन्हे आज दुनिया करती है सलाम, जानिए

देश की आजादी में हर तबके ने साथ दिया है। देश की आजादी में जिस तरह से मुस’लमानो ने अपनी बुल’न्दीयी का प;’रचम ल;हराया है उसे किसी भी हद तक भुलाया नही जा सकता है। मुस्लि’म वै;ज्ञानि;कों के का’रनामो को वैज्ञा’निक दुनिया मे ही नही बल्कि आ’जा;दी की लड़ा;ई में भी इनको भु;ला दिया गया है।

इनकीखो’जों को और इनके कार’नामो को भी दुनिया से छीपा दिया गया है।1.इब्न सीना – इब्न सीना का पूरा नाम अली अल हुसैन बिन अब्दुल्ला बिन अल हसन बिन अली सीना है। इनकी गणना इस्ला’म के प्रमुख डॉक्टर और दार्श’निक में होती है। इन्होंने गणि’त में करीब 6 पुस्तको की गणना भी की है जो अभी भी मोजूद है

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जिसमे रिसाला, अल जरविया, मुख्तसर अक्लिडस, अला रतनमेकि, मुख्तसर इल्म उल हिय, मुख्तसर मुजस्ता, रिसाला फि बयान अला क़याम अल अर्ज फि वस्सीस्ता भी शामिल है।2.अल तुसी- इसका पूरा नाम अल अल्लामा आबू जाफ़र मुहम्मद बिन मुहम्मद बिन हसन अली तुसी है। ये सातवी सदी हिजरी के शुरू में तुस में पैदा हुआ थे। इन्होंने बहुत सारी किताबे भी लिखी है।

इन सब मे उनकी सबसे अहमशक्ल उल किता है। यह पहली किताब थी जिसने त्रिकोणमिति को खगो’लशास्त्र से अलग भी किया था।3.जाबिर बिन हियान -मुस्लिम रसायन शास्त्र- इन्हें रसायन शास्त्र भी कहा जाता है। इन्हें पश्चिमी देश मे गेवर के नामसे भी जाना जाता है। जाबिर पहले व्यक्ति थे जिन्होंने पदार्थ को

muslim scientist
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तीन भागो वनस्पति, पशु और खनिज में विभक्त भी किया था।4.अल जजरी -अल जजरी अपने समय के एक महान वैज्ञानिक थे। जिन्होंने इंजीनियर के क्षेत्र को बढ़ावा भी दिया था। इनका सबसे बड़ा कारनामा ऑटोमोबा’इल इं’जन की गति का मूल स्पष्ठ करना था।

बता दे कि आज के दौर में उन्ही के सिद्धांत पर रेल के इंजन और मोबा’इलों का अ’विष्कार भी हुआ है।5.अल किन्दी -इनका पूरा नाम याकूब इब्न इशहाकअल किन्दी है। इनके पिता कूफ़ा के गवर्नर थे।

muslim scientist 2021
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याकूब अल किन्दी ने अपनी प्रारंभिक शि’क्षा कू’फ़ा में ही प्राप्त की थी। इसके बाद वी बगदाद चले गए थे। अल किन्दी ने गणित, चि’कित्सा वि’ज्ञान दर्शन और भूगोल पर करीब 241 पुस्तके भी लिखी है।

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