नई जनसंख्या नीति को दारुल उलूम ने बताया गलत, कहा- ये इंसान के अधिकारों के खिलाफ

यूपी में सर’कार ने जनस’ख्या को नियंत्र’ण करने के लिए एक वि’धेयक को भी तैयार किया गया है। इसके मुताबिक 2 बच्चो से ज्यादा बच्चे होने पर सर’का’री नो’करियो के लिए दरखस्त जमा से लेकर स्थानीय निकाय चुना’व लड़’ने तक रो’क लगा’ने की सिफा’रिश भी की गई है।

यह बिल ला’गू हो जाता है तो 2 बच्चो से ज्यादा पै’दा होने पर स’रकारी नो’करियो में आवेदन और प्र’मो’शन का मौका भी नही मिलेगा। बीते दिनों ही इस नीति को विश्व प्रसिध्द इ’स्ला’मि’क शि’क्षा केन्द्र दारुल उलूम देवबंद ने ह्यूमन राइट्स के खि’ला’फ भी बताया है। दारुल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी का

new population policy

कहना है कि जनसं’ख्या को कंट्रो’ल करने के लिए जिस अंदा’ज में इसे लागू करने की कोशिश की जा रही है जो इंसानों अधि’का’री के वि’रु’द्ध भी है। उन्होंने आगे बताया है कि दो से ज्यादा ब’च्चे हिने पर उनको कई सुविधाओ’ से भी वंचि’त कर दिया जाएगा। अबुल कासिम नोमानी नेआगे कहा है कि

हम यह नही जानते है कि यह का’नून इं’साफ पर आधा’रित न’ही है और यह ग’लत है। बता दे कि बीते दिनों ही योगी आदि’त्यनाथ ने जनसंख्या नीति 2021-2030 का एलान भी किया है। जिसमे दो से अधिक बच्चे होने पर स’र’कारी’ नो’करी के साथ साथ ही

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कई तरह के सुविधाओ से भी वं’चि’त कर दिया जाएगा। इसी विधेयक को लेकर संसद डॉ शफीकुर्रहमान बर्क ने भी अ’ल्ला’ह और कु’रा’न का हवाला दिया है।उन्होंने अपने बयान में कहा है कि ज’न’सं’ख्या अल्ला’ह का का’नून है।

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