मुस्लिम देशों के संगठनों ने फिलिस्तीन के लिए उठाई आवाज, बोले- फिलिस्तीनी हमारे भाई और …

मु’स्लि’म देशों के सं’गठ’न जिसे हम OIC के नाम से भी जानते है । अंतर’राष्ट्रीय स’हयोग संग’ठन ( OIC ) ने अन्त’ररा’ष्ट्रीय सं’गठ’नो से फि’लि’स्ती’नी श’र’णा’र्थि’यों के अधिकार का स’मर्थ’न करने का आह्वान करते हुए उन्हे वापस उनकी भू’मि पर जाने को कहा , जहां से उन्हे 1948 मे वि’स्था’पि’त किया गया । ओआइसी का ये बयान 15 मई के दिन वा’र्षिक रूप से याद के रूप फि’लिस्ती’नी द्वारा मनाए जाने वाले फि’लि’स्तीन दिवस के मौके पर आया था ।

इसके साथ ही ओआईसी ने इस बात पर भी बल दिया था कि फ़ि’लि’स्तीन दुनिया भर के मु’स’लमा’नों के लिए एक मुख्य मुद्दा है ।इसी कढी मे ओआइसी ने बताया की फ़ि’लि’स्तीन वह फि’लिस्ती’न के प्रति दृढ , कृ’तज्ञ होने के साथ उनकी मदद के लिए तत्पर है । इ’स्ला’मिक सह’योग सं’गठ’न ने अ’न्त’रा’ष्ट्रीय संग’ठन से आह्वान किया कि वे फि’लि’स्ती’नीयो के अधिकार को वापस उन्हे दिलाने के लिए पुर्ण समर्थन करे ।

और वापस उन्हे अपनी मुल ज़मीन पर भेजने के लिए भी समर्थन करने का आह्वान किया । जानकारी के लिए बता दे कि फि’लि’स्ती’नी ऐ’ति’हा’सिक फि’लि’स्ती’न मे जा’यो’नी गिरोह द्वारा 1948 के नि’ष्का’स’न/ज’बर’न हि’ज’र’त का उल्लेख करने के लिए न’क’बा शब्द का प्रयोग करते है जिसका अर्थ है ” प्र’लय ” । बता दे, फि’लि’स्ती’न में मु’स’ल’मा’नों का पहला कि’ब’ला’ए अव्व’ल (म’स्जि’द ए ‘अ’क्सा) मानां जाता है ।

म’स्जि’द के अ’क्सा में तमाम न’बि’यों को आखिरी पै’ग’म्बर हज़’रत मो’हम्मद मु’स्तुफा सल्ला’हु अ’लैहि व’स्स’लम ने न’मा’ज प’ढ़ाई थी इसके अलावा प्यारे आकां सल्ला’हु अ’लै’हि व’स्स’लम यही से मेराज के सफर के लिए भी गए थे । यहां पर कई निशा’नियां अभी भी मौजूद है । बता दे, फि’लि’स्तीन में ई’साई, यहू’दी भी अपना प’वित्र स्थल बताते है । इस तरह ये जगह दुनिया में सबसे अधिक चर्चा में रहती है और मु’स्लिम भी पक्के तौर पर मानते है बै’तूल मुक़’दस्स उनका है और इसी को लेकर वहां पर झ’ग’ड़े होते है ।

Leave a Comment