पहले लगी 6 करोड़ की बड़ी लॉटरी, अब खेत में गढ़ा मिला खरबों का खज़ाना

इंसान चाहे गरीब हो या अमीर । अम्बानी हो या ठेले चलाने वाला ईमानदार शख्श उसकी साथ या उसके आगे उसकी किस्मत का भी साथ होता है। कोई इस चीज को मानता है और कोई नही मानता है, दुनिया मे सभी तरह के लोग है । हमने अपने जीवन मे ऐसे कितने की किस्से सुनते ही कि किसी गरीब को धन गड़ा हुआ मिलता है और वह रातों रात अरबपति या मालामाल हो जाता है । आज हम आपको ऐसी ही सच्ची कहानी बताने जा रहे है। जिनकी किस्मत ने उनको मालामाल कर दिया है।

ये कहानी है तिरुवनंतपुरम की जहां पर 66 साल के रत्नाकर पिल्लई रहते है। इन्होंने पिछले साल ही क्रिसमस लॉटरी ली । अब पिल्लई की किस्मत देखिए कि उनको लॉटरी में 6 करोड़ रुपए का जैकपॉट जीत लिया। अब पिल्लई इतने पैसों का क्या करते, अभी अभी अमीर हुए थे । दैनिक जीवन भी चलाना था तो उन्होंने उन 6 करोड़ में से कुछ पैसों का खेत खरीद लिया ।

इन्होंने इसी रकम से एक खेत खरीदा था,जो उन्हें लॉटरी में मिला था।उन्होंने यह खेत अपने घर से कुछ थोड़ी ही किलोमीटर की दूरी पर इसे खरीदा। शकरकंद की खेती की जुताई करते समय उनको इस साल का भी तोहफा मिल गया। दरअसल, उनको ये खुदाई में एक मटका मिला है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2, 595 प्राचीन सिक्को से भरा ये मटका करीब 100 साल पुराना बताया जा रहा है।

सिक्को का वजन 20 किलो 400 ग्राम है। ये सिक्के त्रावणकोर साम्राज्य के बताए जा रहे है। यह सभी सिक्के तांबे के है। इन सिक्को की कीमत अभी पता नही चली है।पहले इन सिक्कों पर लेब किया जाएगा क्योंकि यह जंग लगे सिक्के है। बताया गया है कि यह सिक्के त्रावणकोर के दो महाराजाओ के शासनकाल के दौर में चलते थे।

इनमे पहले राजा जिनका शासनकाल 1885 से 1924 के बीच रहा था। इनका नाम मूलम थिरूनल राम वर्मा . ये त्रावणकोर के अंतिम राजा थे। इन्होंने 1924 से 1949 तक शासन किया। इनका नाम चिथिरा थिरूनल बाला राम वर्मा। अब पिल्लई की सच्ची कहानी पढ़कर आप हैरान से होए होंगे लेकिन मन ही मन ये भी सोच रहे होंगे काश….. ।

Leave a Comment