लगातार बढ़ रही तुर्की, रूस और पाकिस्तान की नजदीकियां, ये वजहें पड़ोसी देशों के लिए क्यों है खतरे की घंटी

रूस के विदेश’मंत्री पा’किस्तान के दौरे पर आ रहे है। रूस के विदेश मंत्री 5 या 6 अप्रैल को दी दिवसीय पर भारत भी आएंगे। लावरोय का पाकि’स्तान आना किसी रणनीतिक की लिएभारत के लिए शुभ चिंतक नही माना जा रहा है।

लावरोय ऐसे समय पर पाकि’स्तान पहुचेंगे जब भारत और रूस के बीच रक्षा सम्बन्ध दूसरे नम्बर पर पहुच चुका है । बता दे कि लावरोय 6-7 अप्रैल को पाकिस्तान के दौरे पर होंगे । उनका पाकि’स्तानी दौरा असाधारण भी माना जा रहा है। रूस और पाकिस्तान ने पिछके कुछ सालों में रणनी’तिक भरोसा विकसित करने में सफलता भी हासिल की है ।

pak russia relations

रूस और पाकि’स्तान के सम्बंध पिछके कुछ समय मे काफी क’रीबी भी हुए है। दोनों देशों के बीच लगातार मिलि’क्ट्री एक्सरसा’इज हो रही है। इसके साथ ही कुछ प्रोजेक्ट्स’ पर भी लगा’तार काम चल रहा है। हालांकि रूस की तरफ से भारत को यह भरोसा दिलाने की कोशिश कई बार की गई है।

बता दे कि रूस की अथॉरिटीज की तरफ से बयान दिया गया है कि लावरोव अपने पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरेशी के साथ काउंटर टेरी;रिज्म पर चर्चा भी करेंगे। जहां एक तरफ भारत और रूस के बीच दूरी बढ़ रही है वही पाकिस्तान और रूस करीब आ रहे है ।

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पिछले साल ही नवंबर में रूस ने पा’किस्ता’न के साथ एक गेस पाइपला’इन नाम से हुए इस सम’झौते के तहत पाक को पा’कि’स्तानी स्ट्रीम गेस पाइ’पलाइन में 74 फीसदी हिस्सेदारी भी दी है। वही रूस ने 24 फीसदी को हिस्सेदारी भी रखी है। इस समझौते को नए सिरे से तैयार भी किया गया है। रूस इस दिशा में लगातार पा’किस्तान के साथ सक्रिय भूमिका में भी नजर आया है।

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