ब्रिट्रेन में हिजाब पहनने वाली पहली मुस्लिम महिला बनी जज, रच दिया इतिहास

आज के इस दौर में मु’स्लि’म स’मा’ज की लड़कियां आगे बढ़ रही है और नाम कमा रही है। एक ऐसी ही दास्ता ब्रिटेन में हि’जाब पहनने वाली मु’स्लिम म’हिला जज बनी है । मु’स्लि’म समुदाय में पहले के दौर में ल’ड़कियां इतनी ज्यादा नही पढ़ पाती थी लेकिन आज का दौर बहुत अलग हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में ऐसा पहली बार हुआ है जब हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिला जज बनी है।

उनकी उस सफलता की चर्चा न सिर्फ ब्रिटेन में हो रही है बल्कि पूरे विश्व मे हो रही है। मुस्लिम महिला का कहना है कि वो कहती है युवा पीढ़ी के मुस्लिम लोगो को ये पता चले कि वो अपनी अक्ल से कुछ भी हासिल कर सकते है। इसके लिए हिम्मत और मेहनत सबसे ज्यादा जरूरी है। 40 साल की रफिया अरशद ने अपनी जिंदगी की उड़ान महज 11 साल से उड़ना शुरू कर दिया था।

उनके मन मे सवाल उठने लगे कि क्या मेरेजेसे दिखने वाले लोग होंगे और जातीय अल्प’संख्यक की एक कामकाजी महिला इसे कर सकती है। इस सवाल को रख कर वो कड़ी मेहनत में जुट गई और फिर वो लगभग 30 साल की मेहनत के बाद वो सफल ही नही हुई बल्कि इतिहास रचते हुए जज के पद पर नियुक्ति हुई। उनको पिछलहफ्ते ही मिडलेंडस सर्किट में उप जिला न्यायाधीश चुना गया है।

उन्हीने बताया है कि ये सिर्फ मेरे लिए ही महत्वपूर्ण नही है बल्कि सभी मुस्लिम महिलाओं के लिए एक बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है। आगे कहा कि यह बात बहुत खुशी की बात थी लेकिन मेरी खुशी एक दूसरे को बताने में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण रही है। मेरे पास लोगो, पुरुषों ओर महिलाओं के बहुत सारे ईमेल भीआए।यह उन महिलाओं में से है जो यह कहती है कि वो हिजाब पहनती है और उन्हीने यह बात सोच रखी है कि वो कभी भी सफल नही होंगी और ना ही जज बनने में।

 Raffia Arshad

उन्हींने बताया कि मैंने फैसला किया कि मैं अपना हि’जा’ब पहनना जारी रखूंगी क्योकि ये मेरे लिए उस व्य’क्ति की पहचान करने में मदद करता है जो काम और पेशे के आधार पर आपको स्वीकार करता है। रफिया अरशद को कई तरह की छा’त्र’वृ’त्ति दी गई।

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