राजस्थान में समरीन और नगमा ने रचा इतिहास, एक बनी सबसे कम उम्र में सभापति तो दूसरी है जिले की पहली महिला सभापति

राजस्थान निकाय चुनाव 2019 के आखिरी चरण में बीते दिनों सभी निकायों के नगर निगम, नगर परिषद ओर नगर पालिकाओं के मुखिया निर्वाचित हुए है। जहाँ पर कुछ निकायों को नए मुखिया मिले है। ऐसे में राजस्थान के नागौर जिले की मकराना परिषद ओर झुंझुनूं जिले के नगर परिषद बहुत चर्चे में है। इन दोनों जिलों से कोई मुस्लिम महिला का मुखिया बनना वो भी पहली मुस्लिम महिला।

ऐसे में वहां पर खुशी का माहौल नजर आ रहा है। इन दोनों जिलों में महिलाओं को सभापति चुना गया है। जिसमे नागौर जिले की मकराना परिषद से समरीन ओर झुंझुनूं नगर परिषद से नगमा बानो को सभापति चुना गया है। सबसे कम उम्र की है यह सभापति:- समरीन अभी 25 साल की है। जो कि अब तक कि सबसे कम उम्र की महिला है।

समरीन मकराना के पूर्व विधायक और वर्तमान में कोंग्रेस जिलाध्यक्ष जाकिर हुसैन गैसावत की बेटी है। और उन्हें अपनी बेटी की राजनीती को लाने का श्रेय जाता है। इनका जन्म 5 जनवरी 1993 को हुआ था और वह अभी राजनीती में नई नई है। समरीन का विवाह मकराना के पूर्व सभापति अब्दुल सलाम भाटी के छोटे भाई मुजीब के बेटे साजिद भाटी से हुआ है।

आपको बता दे कि मकराना नगर परिषद से सभापति की रेस में निर्दलीय प्रत्याशी रुखसाना बेगम,परवीन बेगम ओर शाहिदा बेगम भी शामिल थी। समरीन को निविररोध चुना गया था। वही झुंझुनूं नगर परिषद से नगमा बानो है । जो पहली मुस्लिम है। नगमा बानो ओर समरीन दोनो ही कोंग्रेस प्रत्याशी है। दोनो ने जीत हासिल की है।

इनके यहां पर खुशी का माहौल है। आपको बता दे,कम उम्र में सियासत के कदम के बाद समरीन और नगमा राजस्थान में लगातार सुर्खियां बतौर रही है । आगे ये देखने वाली बात होगी कि ये अपने समाज और देश के लिए कितना विकास कर पाती है । आपको बता दे, राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है और अशोक गहलोत की सरकार भी है।

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