डिबेट में साधु ने बोली फर्राटेदार उर्दू , एंकर ने की तारीफ़ तो बोले – कुरान भी पढ़ता हूँ और …

सु’प्रीम कोर्ट में लगातार चले 40 दिन तक चली सुनवाई के बाद फैसला सु’रक्षित रखते हुए 9 नवम्बर को बा’ब’री म’स्जि’द केस में फैसला सुनाया था । सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या का फैसला हिं;दू पक्ष को सुनाया था। जबकि मु’स्लिम पक्ष को 5 एकड़ जमीन मस्जिद बनाने के लिए राज्य या केंद्र सरकार को देने को एलॉट कराने को कहा था । कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि 3 महीने में वह ट्रस्ट बनाने को भी कहा था । इस मुद्दे को लेकर टीवी पर डिबेट होती है, जिसमें साधु और मौलाना शामिल होते है।

ऐसी ही एक टीवी डिबेट में एंकर ने उनसे पूछा कि आप इतनी अच्छी उर्दू कैसे जानते है तो उन्होंने कहा कि मैं कु’रान पड़ता हूं। इस बात को सुनकर वहाँ बैठे हुए मौ’लाना ताली बजाने लगे। इस कर्यक्रम में एंकर उनसे पूछती है कि क्या आपको लगता है कि इस फाइनल फैसले के बाद राज्य में विकास और ज्यादा होगा? इस सवाल का जवाब देते उन्होंने कहा कि देखिए मुसलमान भाइयो के लिए तो राम ने अपनी जान दी है। इसलिए उनके पावन महीने के नाम रमजान है।

इसलिए हम सभी एक ही है। इसके बाद वो उनसे उर्दू के मामले में सवाल करती है। इस पर साधु कहते है कि मैं हि’न्दू हूं, ब्रा’ह्म’ण हूं और मैं कु’रान पढ़ता हूं। लेकिन किसी को गुरुद्वारा चाहिए और किसी को मस्जिद चाहिए। लेकिन हमे तो सिर्फ राम चाहिए। साधु के उर्दू में बात को लेकर मौलाना ताली बजाते है। वहां पर मौजूद भीड़ भी ताली बजाती है। बता दे, अयोध्या का फैसला आने के बाद शिया धर्मगुरुओ ने सीएम योगी से मुलाकात की थी।

शिया धर्मगुरुओं ने मुस्लिम पक्ष को मिले 5 एकड़ जमीन पर यूनिवर्सिटी और अस्पताल बनाने को कहा था। वही दूसरी ओर बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकार ने भी 9 नवंबर के दिन कोर्ट के फैसले का स्वागत किया था ।उन्होंने कहा था कि वो कोर्ट के फैसले का सम्मान करते है ।और वह अब इस मामले में आगे कोई बढ़ाएंगे। अयोध्या केस से एक दिन पहले चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और यूपी के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी और डीजीपी ओपी सिंह अन्य सीनियर अधिकारियों के बीच यह बैठक हुई थी।

फैसले के एक दिन पहले ही अयोध्या में धारा 144 लागू कर दी गई थी । अयोध्या में सभी जगह ड्रोन से नजर रखी गई थी और अर्धसैनिक बलों के 4000 जवानों को तैनात भी किया गया था। बता दे, इस मुद्दे पर टीवी 9 भारतबर्ष के लाइव डिबेट कार्यक्रम में जब एक साधु से अयोध्या के फैसले को लेकर सवाल जवाब किए तो उन्होंने उर्दू भाषा के जरिए जवाब दिया।

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