फुटबॉल की दीवानी ब्लू गर्ल के आगे झुका ये मुस्लिम देश, 40 साल पहले का बदल दिया इतिहास

फीफा वर्ल्ड कप एक राष्ट्रीय टीमो द्वारा खेली जाने वाली एक बहुचर्चित अंतराष्ट्रीय संघ फुटबॉल प्रतियोगिता हैं। यह 1930 से हर चार साल से आयोजित किया जाता है। 2018 में फीफा वर्ल्ड कप टूर्नामेंट मैच जीतने वाली फ्रांस राष्ट्रीय फुटबॉल टीम हैं। बीते दिनों, ईरान और कोलम्बिया के बीच फीफा वर्ल्ड कप 2022 का क्वालीफाई मैच के दौरान एक इतिहास रचा गया है। आपको बता दे, फीफा वर्ल्ड कप मैच 2022 को राष्ट्रीय स्तर पर खेला जाएगा।

इसका पूरी दुनिया से लोग बेसब्री से इंतेज़ार कर रहे है । जैसे कि आप को पता होगा कि यूरोपीय देशों में सबसे ज्यादा यही खेल को ज्यादा तव्वजों दी जाती है । इस खेल में कुछ मु’स्लिम देश जिसमें अरब, ईरान ,क़तर भी अपने अच्छे खेल के लिए जाने जाते है । इसी कड़ी में ईरान ने अपने फुटबॉल प्रशंसको के लिए एक बड़ी घोषणा की है । ईरान में 4 दशक हो गए जब किसी म’हिला ने कोई मैच देखा हो । लेकिन अब ये सब बदल गया ।

40 सालो के बाद में पहली बार स्टेडियम में दाखिल होने वाली ईरानी महिलाएं हैं। 1979 से ही महिलाओं का किसी भी खेल को स्टेडियम में जाकर प्र’ति”बं’ध लगा हुआ था। अब लंबे समय और संघ’र्ष के बाद ईरान में प’रम्परा ख’त्म हो गई हैं। यह सब हुआ एक लड़की के कारण, जो फुटबॉल की दीवानी थी। उस लड़की था, सहर। सहर को ब्लू गर्ल भी कहा जाता था। ब्लू ग’र्ल की मौ’त के बाद ई”रान की सरकार ने स्टेडियम में म’हिलाओं के प्रवे’श करने की अ’नुमति दी हैं।

ईरान में पहले कानून था कि महि’लाए खेल के मैदान में नही जा सकती थी। लेकिन अपनी ख’वाइश’ को कोई भी न’ही रो’क सकता है। ई’रान की 29 साल की महिला ने इसे बदल डाला और फुटबॉल प्र’शंसक सहर खोड यारी भी अपनी खवाइश के आगे मज़बूर थी। सहर की बहुत ही खवाइश थी, कि वो स्टेडियम में जाकर मैच को देखे। लेकिन वो पुरुष की पोशाक पहन कर स्टेडियम में चली गई।

वहां पर उसको पकड़ लिया गया। इस जु’र्म में को’र्ट ने उसे 6 महीने की सजा सुनाई। वो इससे ड’र गई को’र्ट के बाहर ही उन्होंने आ”त्म’हत्या कर ली। सहर को ईरान की ब्लू’ ग’र्ल कहा जाता हैं। इसके बाद ई’रान सरकार ने अपना फैसला ब’दला। कहा कि 3500 महिलाएं फीफा मैच देखने के लिए जाएगी। वहां की सरकार ने 40 साल पुरानी कहानी को बदल दिया।

Leave a Comment