मिलिए देश की एक मात्र महिला राइडर साइमा सईद से, घुड़सवारी की इस स्पर्धा में देश में कमा रही नाम

आज के इस युग 2020 में एक बेटी दस बेटों के बराबर मानी जाती है। आप कभी भी अपनी बेटी को बेटा कह सकते है लेकिन बेटे को कभी बेटी नही कह सकते। यही वजह है कि ‘बेटियां आम नही खास होती है।’ अगर परिवार और समाज का साथ मिल जाए तो बेटियां साबित भी करके दिखाती है। नागौर जिले की बेटियां हर क्षेत्र में बुलंदियों के झंडे गाड़कर मिसाल कायम कर रही है। बेटियां अपने हुनर औऱ मेहनत के बल पर अपना लोहा मनवा लेती है।

बड़ी खाटू कस्बे की बेटी साइमा सैयद घुड़सवारी में नागौर जिले का नाम रोशन कर रही है। लोक डाउन में भी वो 80 किलोमीटर रेस की तैयारियों में जुटी हुई है। एंड्यूरेन्स राइड में नेशनल चेम्पियन सायमा का मानना है कि घुड़सवारी में घोड़े औऱ घुड़सवार के बीच शानदार सामजंस्य बेहद बहुत जरूरी है।

saima

बड़ी खाटू निवासी सायमा देश की प्रमुख महिला घुड़सवार है। जिन्होंने एक ही साल में 40 से 60 किलोमीटर की रेस जीती है। अब उनका लक्ष्य 80 किलोमीटर रेस की तैयारियां करना है जो कि वो कर रही है। ये रेस जीतने पर वो वन स्टार राइडर बन जाएगी।

बता दे कि साइमा इससे पहले भी महाराष्ट्र के मेरठ में आयोजित नेशनल एंड्यूरेन्स चेम्पियनशिप में घुड़सवारसाइमा ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था।साइमा ने 60 किलोमीटर एंड्यूरेन्स रेस में पहला स्थान प्राप्त किया था और गोल्ड मेडल हासिल किया था। साइमा को बेस्ट राइडर का खिताब दिया गया।

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मेरठ में आयोजिय प्रतियोगिता में 60 किलोमीटर की रेस सिर्फ साइमा ने ही अपने नाम की थी।आयोजको ने साइमा को नकद पुरुस्कार भी दिया था। घुड़सवार साइमा पिछले कुछ वर्षी से चौपासनी के मयूर स्कूल में पड़ते हुए प्रशिक्षिक रेवतराम से घुड़सवारी को सीखा था।

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