जानिए कौन है वैज्ञानिक साराह-अल-अजीजी, जिस पर पूरे अरब देशों को लगी है बड़ी उम्मीदे, मंगल ग्रह पर…

यूएई ने हाल ही में जापान के सहयोग से मंगल ग्रह ओर अपना अपना पहला इन्टरप्लेनेत्री हॉप प्रोब मिशन शुरू किया है। यूएई के मंगल ग्रह के लिए अंतरिक्ष मिशन 19 जुलाई 2020 को ही जापान के तनेगनशिम स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया है। यूएई ने उम्मीद से भी बड़े सपनो की साकार करने के लिए अब बड़ी छलांग लगाई है वो है मंगल ग्रह । इससे भी बड़ी बात ये है कि जिस देश मे महिलाओं को पर्द में रखा जाता है ।

उसी देश की महिला ने मिशन मंगल में अपना हाथ बटाया है।जिनका नाम साराह अल अमीरी। सराह ओर आज न केवल यूएई की उम्मीदें लगी हुई है बल्कि अरब जगत में यूएई ऐसा पहला देश बन गया है, जिसने मार्स के रहस्यों की खोजबीन के लिए सेटेलाइट बनाया और भेजा है। 50 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय करता हुए मंगल ग्रह फरवरी 2021 तक मंगक ग्रह पहुँचेगा ।

बता दे कि साराह को अब तक पूरी दुनिया भी जान चुकी है। सराह ने अपने एक खास इंटरव्यू में बताया है कि वो इस मिशन को लेकर काफी नर्वस है। वो इसलिए कि उनकी ओर उनकी टीम ने इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 6 साल तक काम किया है । बात दे कि सराह इससे कब जड़ी है यूएई के पास कोई अंतरिक्ष एजेंसी नही थी। साल 2014 में यूएई ने अपने अंतरुक्ष कार्यक्रम की घोषण की थी ।

सराह के मुताबिक, इस मिशन से जुड़ी उनकी पूरी टीम ने इसमी 12- 12 घण्टे तक काम किया है।इस मिशन को करने में उनको कई चुनोतियाँ का भी सामना करना पड़ा है। सराह ने कहा है कि उन्हें पोजेक्ट का हिस्सा बनने और गर्व है। साराह ने बताया है कि उन्हें शुरूसे ही साइंस में काफी रूचि थी।

उन्होंने अमेरिका यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर साइंस की पढ़ाई की। साल 2014में जब यूएई ने अपने स्पेस मिशन शुरू करने की घोषणा की तो सराह को इसे लीड करने की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने बताया कि 150 लोगो की टीम में अधिकतर महिलाएं भी है। 33 साल की सराह इस प्रोजेक्ट में डिप्टी मैनेजर है।

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