पिता को बड़े अधिकारी डांटते थे,इसलिए सीरत फातिमा ने वह कर दिखाया जो मुस्लिम लड़किया कम कर पाती है … जानिए

अगर आप अपने हालात को बदलना चाहते है तो इसके लिए आपको सबसे पहले एजुकेशन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। जिसको हासिल करके आप परिस्थितियों को बदल भी सकते है। ऐसा भी कुछ कर दिखाया है सीरत फ़ातिमा ने बहुत ही निम्न परिस्थितियों में जिंदगी को भी गुजारा है

और उन्होंने अपने परिवार का नाम भी रोशन किया है ।यूपी के प्रयागराज के जसरा गांव की रहने वालीसीरत फ़ातिमा एक निम्न परिवार से ताल्लुक रखती है। उनके पिता लेखपाल थे।सीरत फ़ातिमा घर मे सबसे ज्यादा बड़ी थी इसलिए सारी जिम्मेदारी उनके ऊपर आ गई। सीरत फ़ातिमा ने इतनी परेशानी

seerat fatima ias

आने के बाद भी कभी भी अपनी पढाई को नही छोड़ा। उन्हीने 12 वी की परीक्षा को पास करके साइंस में बीए किया और फिर बीएड की डिग्री को हासिल भी किया। इसके बाद वो बच्चो को पढ़ाने लगी। आखिरकार सीरत ने एक दिन सफलता को हासिल करके अपने परिवार से

लेकर समाज का नाम भी रोशन किया है। सीरत फ़ातिमा आईएएस अफसर भी बनी है।उनके पिता लेखपाल की नोकरी किया करते थे। उन्हें हमेशा ही बड़े अफसरों की डां’ट भी खाना पड़ता था। उनसे कभी भी बड़े अधिकरी अच्छे बर्ताव नही करते थे।

इसलिए वो यही चाहते थे कि उनकी बेटी कोई बड़ी ऑफ़सर बने। जो कि छोटे बड़े लोगों की बात भी सुने और उनकी इज्जत भी करे। सीरत के पिता ने इस सपने को अपनी बेटी के जरिये पूरा भी किया है। आखरकर सीरत फातिमा ने बड़ी ऑफ़सर बनकर अपने पिता का नाम रोशन किया है ।

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