Video : शाहीन बाग में फिर दिखी सिख-मुस्लिम एकता, सिख महिलाओं को मुस्लिम औरतों ने लगाया गले, हुए भावुक

नाग’रिकता सं’शोधन कानू’न के खिलाफ देश के हर हिस्सो में आंदोलन और विरो’ध प्रदर्शन जारी है। देश की राजधानी से उठा यह विरोध अब लगभग हर राज्यो तक पहुँच चुका है। इस नाग’रिकता का’नून का विरो’ध लगातार दिनों दिन बढ़ता जा रहा है।इसी बीच शाहीन’बाग इलाके में चल रहे वि’रोध का समर्थन देने के लिए पंजा’ब कि’सान यूनियन के कार्य’कर्ता भटिंडा के मानस से दिल्ली’ आ गए है। दिल्ली के शाही’न बाग में पहुँच’ने से पहले सि’खों को कई दि’क्कतों का सामना करना पड़ा ।

बता दे, ये सिख रात में ही प्रदर्शन स्थल पर पहुँच रहे थे, लेकिन मी’डिया में खबर के अनुसार इन्हें डि’टेन कर लिया गया था, जिन्हें सुबह करीब 8-9बजे छोड़ दिया । 300 के करीब ये सिख कालिं’दी कुंज साइड से शा’हीन बाग की ओर पै’दल नारे लगाते हुए 10 बजे के करीब पहुँचे । इन्होंने यहां पर पहुँचते ही लंगर खिला’ना शुरू कर दिया ।

किसा’नों का एक ओर ग्रुप रवाना होगा इनका यह ग्रुप 8 फरवरी तक वहां पर रहेगा। उनका कहना है कि जब तक सरकार का’नून वापस नही लेती है तब तक उनका विरो’ध जारी है। विरो’ध प्र’दर्शन के लिए कि’सान संघठनो ने 16 फरवरी को संगरूर के मलेरको’टला में प्रस्ता’वित सभा के लिए लोगो को प्रोत्सा’हित कर रहे है। मनसा में 12 फरवरी से अनिश्चितकालीन विरोध भी शुरू होने की संभा’वना है।

पंजाब किसा’न यूनियन के अध्यक्ष रुलडु सिंह मनसा ने बताया हम लोग सीए ए और एन’आरसी, एनपी’आर के खिलाफ वि’रोध प्रदर्शन के लिए शाहीन’बाग पहुँच चुके है। सैकड़ो किसान संगरूर में बसों में सवार होकर शाहीनबाग के लिए रवाना होंगे। हमे लगता है कि अपने मुस्लि’म भाई और बहनों के लिए खड़े होना हमारी जिम्मे’दारी और कर्तव्य है।

इस काले का’नून के खि’लाफ सिर्फ मुस्लि’म समा’ज ही आगे नही है बल्कि दूसरे ध’र्म के लोग भी साथ है। इस का’नून के खिलाफ शाही’नबाग में करीब डेढ़ महीने से ज्यादा हो गया है। बता दे, शाहीन बाग का प्रद’र्शन की गूंज देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी सु’नाई दे रही है । बता दे, इस प्रद’र्शन का मुद्दा देश सहित अमेरिका की 20 से अधिक शहरों, ब्रिटेन, फ्रांस और यूरोप के कई देशों में इसके वि”रोध में प्रदर्शन हुए है ।

बता दे, यूरो’पीय सं’सद ने बीते दिनों देश में चल रहे नागरि’कता का’नून के वि’रोध में प्रस्ता’व लाए थे जिसमें एक प्रस्ता’व में 150 से अधिक सां’सद ना’गरिकता कानून के खिलाफ थे । बता दे, यूरोपीय संसद में 6 प्रस्ताव लाए गए थे,जो कश्मीर मुद्दे और नागरि’कता कानू’न से जुड़े हुए थे, इन 6 प्रस्ताव में से 5 प्रस्ताव में नागरि’कता वि’रोध का पास हुआ , इस पर चर्चा मार्च में कई जानी है ।

बता दे,30-31 जनवरी को यूरो’पीय सं’सद में इस पर चर्चा की जानी थी,लेकिन इसे मार्च तक ताल दिया गया है । इससे पहले जब EU में यह प्रस्ता’व पर चर्चा हुई तो भारत सरकार ने इस पर ना’राज’गी जताते हुए यूरो’पीय संसद को पत्र लिखा था । इसके बाद यूरो’पीय संसद ने इस कानून के खि’लाफ प्रस्ताव पर मार्च तक वोटिंग ताल दी थी।

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