हलक़ सुखा देने वाली धूप में रोज़ा रखकर दिनभर मेहनत करते हैं शरीफ और इब्राहिम

मु’स्लि’म स’मुदाय का सबसे मु’कद्दस और पा’क महीना शुरू हो गया है। रमजान के महि’नी का आगाज हो चुका है आज माहे रम’जान के तीसरे रो’जा है। श’दीद ग’र्मी का मौसम है ऐसे में कुछ लोग इस वजह से रो’जा नही रखते है कि शायद उनको भू’ख और प्या’स लगेगी।

जो ऐसी ग’र्मी में भी रोजे रखते है वह रब के फरमान को पूरा कर रहे है। ऐसे तो अन’गनित ऐसे लोग है जो रमजा’न रख रहे है ऐसे में दिल्ली के रहने वाले मोह’म्मद शफीक और इब्रा’हिम दोनों ही रो’जे रख रहे है।उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया है कि वह ऐसी ग’र्मी में दि’नभर रोजे रखते है।

मोहम्मफ शरी’फ तप’ती धू’प में रि’क्शा चलते है। वह सुबह के वक्त ज्यादा काम करते है। इसके बाद वह लौट जाते है ताकि रो’जे के हालत में ज्यादा प’रेशा’नी नही हो। मोहम्मद शरीफ बुजु’र्ग होने की वजह से इतनी मेहन’त का काम क’रटे है। ऐसे कई लोगो को स’लाम है जो रोजे की हालत में अपनी काम करते है।

जी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबियो बता दे कि इसके अलावा 38 साल के इब्राहिम भी रोजा रखकर दिन में जमा म’स्जिद की तरफ सब्जी का ठेला लगाकर घू’मते है। उनके सर पर जा’लीदार टोपी और हलक सू’खा देने वाली ग’र्मी भी धू’प भी इब्रा’हिम का हौ’सला नही डग’मगा पा रही है।

‘इब्रा’हिम से जब मीडिया ने सवाल किया इतनी गर्मी के बाव जूद भी रो’जा रखकर कैसे इतनी मेह’नत कर लेते है। उन्होंने इस बात का जवाब दिया कि अ’ल्ला’ह नियत देखते है उसके बाद फिर उसी से ताकत मिलती है। इ’स्ला’म मे रो’जे रखना फ’र्ज है। ऐसे में मु’स्लि’म समु’दाय के लोग रो’जे रखते है और काम भी करते है।

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