दिहाड़ी मजदूरी करने वाले का बेटा बना इसरो में वैज्ञानिक, एपीजे अब्दुल कलाम को मानते हैं अपना प्रेरणास्रोत

सफलता की कहानियों की शुरुआत आसान नही होती है। सफलता के रास्ते में इंसान को कोई मु’श्कि’लों का सामना भी करना पड़ता है लेकिन इन मुश्किलों के साथ जो संघर्ष करता है वही सफल होता है। महाराष्ट्र के रहने वाले सोमनाथ नन्दू माली की जिं’दगी भी सं’घर्ष से बड़ी है।

महारष्ट्र के सोलापुर जिले के सरकोली गांव के रहने वाले सोम’नाथ माली के संघ’र्ष और मेहनत की कहनी सब को प्रेरित भी करने वाली है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जिला परिषद प्राइमरी स्कूल से पूरी की और 11 वी पढ़ा’ई शास्त्र शाखा सेपडरपुर में स्थित केबीपी कॉलेज से भी की थी।

somnath nandu mali joins isro scientist

सोमनाथ ने भरत के मिसाइल मैन डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम आजद से भी प्रेरित हुए उनकी जीवनी भी पढ़ी। इसरो के चंद्रयान 3,अंतरिक्ष स्टेशन और खास खूबियों वाले रोकेट जैसे प्रोजकेट्स में भी शामिल होने की उनकी बहुत इच्छा है। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल डिजाइनर में दाखिल

लेने के बाद आईआईटी में ही सोमनाथ को विमान के इंजन के।डिजाइन पर काम करने का भी मौका मिला। इस मौके पर उन्होंने अच्छे से इस्तेमाल किया और बाद में वो एयरक्राफ्ट इंजन डिजाइन से एक्सपर्ट भी हो गए। उन्होंने आईआईटी मेकेनिकल डिजाइनर के रूप में चुना भो गया।

somnath nandu mali joins isro scientist

उन्होंने गेट परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक भी हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली आईआईटी से एमटेक भी किया है। कुछ दिनों तक इंफोसिस में नोकरी करने के बाद नवंबर 2016 में।इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक की वैकेंसी के लिए आवेदन भी किया है।

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