त’ब्लीग़ी ज’मात क्या होती है, कैसे काम करते है ज’माती, म’रकज़ क्या है और क्यों होते है मु’सलमान इकट्ठा ?जानिए

तब्लीगी जमात का नाम ऐसे कई लोग है जिन्होंने पहली बार सुना हो खासतौर से वो जो गै’र मु’स्लिम है। बीते दिनों से तब्लीगी जमात की न्यूज़ आपने देखी होगी। आपके मन मे भी कई सवाल आते होंगे ,मीडिया के द्वारा बनाई गई नेगेटिव छवि भी आपको दिखाई, सुनाई देती होगी । बहरहाल , यह मुस’लमानों एक संग़’ठन है। तब्ली’गी ज’मात होता क्या है, इसमें हजारो मुसलमानों को क्यो इकट्ठा किया जाता है वगेरह वगेरह ऐसे सवाल आपके मन मे आना लाज़मी है ।

इसके साथ ही म’रकज क्या होता है? ये सवाल भी आपके जहन में आता होगा । आज हम आपको इन सब सवालों से रूबरू करा रहे है। तब्लीगी जमात की स्थापना 1926-27 में हुई। इसकी स्थापना मौलाना इलियास ने की थी। तब्लीगी जमात का उद्देश्य था मुस्लिम धर्म के लोगो के बीच अल्लाह और रसूल की बातो को पहुचाना होता है । जिसे हम क़ुरआन और हदीस भी कहते है ।तब्लीगी जमात क्या काम करती है।

ये जमात मु’स्लिम समाज को सा’माजिक बुरा’ईयों सेदूर करके, उन्हें इस्लामिक धर्म की सही जानकारी देने का काम करती है। जमात लोगो के बीच जाकर उन्हें इस्ला’म का प्रसार करना और नेक कामो पर अमल करने के लिए सम’झाइश देने का काम करती है। तब्लीगी जमात की शुरुआत हजरत नि’जामुद्दीन में स्थित एक मस्जिद में ही हुई थी,जिसे आज मरकज़ कहते है । जैसे जैसे वक्त गुजरता गया वैसे वैसे जागरूकता फैलाने लगी आज तबली’ग ज’मात दुनिया की सबसे बड़ी तंजीम में से एक है।

1940 में सबसे पहली बार तब्ली’गी जमात को दिल्ली के पास लगे हुए मेवात के इलाके में अल्लाह और रसूल का प्रचार प्रसार करने के लिए बाहर जाने लगे। तब्ली’गी जमात का मतलब क्या होता है। तब्लीगी शब्द का मतलब है अल्लाह की कही हुई बातें और जमात का मतलब है एक ग्रुप। मर’कज :-मरक’ज का मतलब है जोड़, किसी भी शहर मे मस्जिद को मरकज बना दिया जाता है।

जहां पर तब्ली’गी जमात के लोग इस्ला’म ध’र्म को फैलाने का काम करते है। दिल्ली में निजामुद्दीन मरकज बंगले वाली मस्जिद में है। ये जमाते कही भी जाने से पहले सबसे पहले मरकज में जमा होती है। उसके बाद आठ या दस लोगो का समूह या फिर ज्यादा भी लोग शहरो और गांवों का रुख करते है।

इसके बाद ये ज’माते 3 दिन, 10 दिन या फिर 40 दिन तक जगह जगहपर इ’स्ला’म ध’र्म का प्रचार प्रसार करने के लिए निकल जाती है। बता दे, तब्लीगी जमात से जुड़े कई लोग इज्तिमे में बाहर से आए हुए थे । कोरोना के कहर से देश मे लोक डाउन जारी कर दिया गया। निजामुद्दीन मरकज से कई लोगो की जांच करने के बाद कुछ पॉजिटिव मामले सामने आए थे जबकि अधिकतर जगहों पर इनसे जुड़े मामले लगभग शून्य ही है।

बता दे, दुनिया भर के देशों से जो लोग देश मे इ’स्लाम का प्रचा’र प्र’सार के लिए आते है वो तब्लीगी जमात के दिल्ली स्थित मर’कज में रुकते है । वही से वो आगे देश के अलग अलग कौनो में जरूरत के हि’साब से जाते है और मु’स्लिम समु’दाय के लोगों को समझाते है ।

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